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ऐसा क्या हुआ था जो गुल भड़क गईं, जानिए

Sun, 23 Mar 2014 11:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,चंडीगढ़
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‘इफ द लिसनर कान्ट लिसन माई अनसर। देन आई हैव टू लीव, थैंक यू, वी टॉक अबाउट लेटर’...। इन शब्दों के साथ आप उम्मीदवार गुल पनाग गुस्से में आकर पेक ऑडिटोरियम में आयोजित अचीवर्स कॉनक्लेव 2014 के मंच को छोड़कर चली गईं।
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हुआ यूं कि पेक के इलेक्ट्रानिक इंजीनियरिंग के थर्ड ईयर के छात्र निश्चल ने गुल पनाग से महिला सशक्तिकरण पर उनकी योजना पर सवाल पूछा। गुल ने इसका जवाब देना शुरू किया तो छात्र का ध्यान कुछ सेकेंड के लिए हट गया, जिस वह छात्र पर भड़क गईं।

गुल के इस व्यवहार को जब तक आडिटोरियम में बैठे विद्यार्थी और आयोजक समझ पाते, तब तक गुल पेक के गेट के बाहर पहुंच चुकी थीं।

अभिनेत्री को मानने के लिए गुल के पीछे-पीछे छात्र भी भागा और सॉरी बोली, लेकिन अभिनेत्री ने छात्र को गले लगाकर सलाह तो दी, लेकिन कार्यक्रम में वापस नहीं आईं। छात्र निश्चल ने कहा कि वह हैरान हैं कि ऐसा क्यों हुआ। उसने तो जवाब ध्यान से सुना था।
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अपनी सुनाकर निकली गुल
किग्स इलेवन टीम के क्रिकेटर हरमीत और मशहूर पेंटर अलका कालरा के साथ अभिनेत्री गुल पनाग कार्यक्रम में मुख्य स्पीकर के तौर पर पहुंची थीं। वहां उन्हें सम्मानित भी किया जाना था।

कार्यक्रम की शुरुआत ही गुल से हुई। गुल ने पेक विद्यार्थियों के पंजाबी में बात करने की डिमांड पर पंजाबी तो बोली, लेकिन बीस मिनट तक अपनी बात सुनाकर चली गईं।
 
आई एम हैप्पी, यहां आकर मिला है ब्रेक
कार्यक्रम में आकर गुल ने कहा कि वह यह तो नहीं कहेंगी कि पॉलिटिकल बातें करके थक गई हैं। लेकिन, यहां आकर ब्रेक मिला है।

खुद को बनाओ अपना कापी केट
अभिनेत्री गुल ने कहा कि वह रोजाना अपना एक लक्ष्य तय करती हैं। छोटा हो या बड़ा। उन्होंने युवाओं को खुद को अपना कापी केट बनने के लिए प्रेरित किया। रोजाना एक नई चीज सीखने और करने के लिए प्रेरणा दी। गुल ने कहा कि वह अपनी फिटनेस पर खास ध्यान देती हैं।

महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचार के सवाल पर गुल ने कहा कि यह मुद्दा सोसायटी का है। जिसे अपने घर से खत्म करना होगा। बेटा और बेटी को बराबर का हक देना होगा। गुल ने अपने घर का वाकिया बताते हुए कहा कि उनके खुद के रिश्तेदार लड़का-लड़की में फर्क करते हैं। पुरुष प्रधान समाज को खत्म करना होगा।

सड़क पर खड़ी रही गुल की कार
कार्यक्रम के दौरान गुल की कार पेक गेट के बाहर सड़क पर खड़ी रही, लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने सुध नहीं ली। इस बीच जब गुल अपनी कार में बैठने लगीं तो उनके पास एक ऑटो चालक राज आया।

उसने बेरोजगारी पर उनसे बात करनी चाही तो गुल ने साथी को नंबर देने के लिए कहा और बाद में बात करने की उनको अपना नंबर उनकी साथी को देने के लिए कहा। साथ ही कहा बाद में बात करेंगी।
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