कांग्रेस को अपने चुनावी प्रचार में तेजी जाने के लिए दिग्गजों का इंतजार है। कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए दिक्कत यह है कि दिग्गज खुद मैदान में हैं, इसीलिए प्रत्याशी अपने बलबूते पर ही चुनाव प्रचार व मीटिंग कर रहे हैं जबकि दूसरी तरफ शिअद प्रत्याशी के चुनाव प्रचार का चरण दूसरे दौर में प्रवेश कर गया है।
दस अप्रैल को सीएम प्रकाश सिंह बादल जालंधर में फिर से शिअद प्रत्याशी पवन कुमार टीनू की रैली को संबोधित करने के लिए आ रहे हैं।
शिअद प्रत्याशी टीनू के लिए यह काफी सकारात्मक बात है कि उनके समर्थन में सीएम प्रकाश सिंह बादल जालंधर में रैली कर चुके हैं। उन्होंने ही टीनू के प्रचार की शुरुआत मकसूदां मंडी में रैली कर की थी। जबकि डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल शहरी वर्ग को प्रभावित करने के लिए चिकित्सकों के गुट के अलावा उद्यमियों से बैठक तो कर चुके हैं साथ ही में तीन विधानसभा हलके जालंधर कैंट, नकोदर व करतारपुर में रैली कर पूरा दिन दे चुके हैं।
शिअद प्रमुख सुखबीर बादल का जालंधर का दौरा फिर से 16 अप्रैल को प्रस्तावित है। इसके लिए शिअद पूरी योजना व रणनीति बना रहा है कि डिप्टी सीएम को किन इलाकों का दौरा करवाया जाए।
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस में माहौल अभी ठंडा है। कांग्रेस के प्रत्याशी चौधरी संतोख सिंह अभी खुद ही दौड़धूप कर नेताओं से संपर्क साध रहे हैं और मीटिंग करवा रहे हैं। कांग्रेस के लिए दिक्कत यह है कि उनके स्टार प्रचारक कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद अमृतसर में फंस गए हैं और उनकी पत्नी पटियाला में चुनाव लड़ रही हैं।
कैप्टन अमृतसर व पटियाला के चक्कर में हैं तो पीपीसीसी प्रधान प्रताप बाजवा गुरदासपुर में अपनी सीट को जीतने के लिए मैदान में दिन रात एक किए हुए हैं। वहीं कांग्रेस की अन्य दिग्गज अंबिका सोनी आनंदपुर साहब से बाहर नहीं निकल पा रही हैं।
पता चला है कि कांग्रेस के नेता हाईकमान से संपर्क साध रहे हैं कि उनको स्टार प्रचारक के अलावा शीर्ष नेता दिए जाएं ताकि वे अपने पक्ष में रैलियां कर माहौल बना सकें। कांग्रेस उम्मीदवार चौधरी संतोख सिंह अभी विधानसभा चुनावों में खड़े हो चुके उम्मीदवारों को मनाकर अपने साथ चला ही पाए हैं लेकिन माहौल को पूरी तरह से गर्म नहीं कर पाए हैं।