बीते कुछ दिनों के नाटकीय घटनाक्रम का पटाक्षेप हो गया। किरण खेर को चंडीगढ़ से भाजपा का उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज धवन आखिर मान ही गए।
अपने समर्थकों की बुलाई मीटिंग में उन्होंने घोषणा की कि पार्टी उनकी मां है और वो भाजपा में ही बने रहेंगे। इसके साथ ही उनके पार्टी से अलग राह बनाने और चुनाव लड़ने की अफवाहों पर विराम लग गया।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि बीती रात उनके पास भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह का फोन आया था। इसके बाद से ही पूर्व मंत्री के तेवर ढीले पड़ गए।
उल्लेखनीय है कि वीरवार को भाजपा प्रत्याशी किरण खेर खुद उन्हें मनाने उनके घर गईं थी। इसके बावजूद वो नहीं माने थे।
उन्होंने कहा था कि शुक्रवार को उनके समर्थकों के साथ्ा होने वाली मीटिंग के बाद ही वो किसी प्रकार का फैसला लेंगे।