हरियाणा के सीएम मनोहर लाल
सीएम के अनुसार हमारी सरकार ने सन 1990 से चली आ रही व्यवस्था को बदलते हुए यह तय कर दिया है कि सीएलयू के केस अब सीएमओ में नहीं, बल्कि जिला उपायुक्तों की संस्तुति के बाद टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के निदेशक स्तर पर ही निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ निपटाए जाते हैं। इनमें गड़बड़ी हुई तो डीसी व निदेशक ही इसका जिम्मेवार होंगे। सरकार का ये कदम भ्रष्टाचार पर बड़ी चोट हैं और विरोधियों के पास इसका जवाब नहीं।
कार्यकर्ता जानते हैं, सरकार सिर्फ उनकी नहीं जनता की है
आगामी चुनाव के लिए सीएम ने एक बार फिर से अपने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया है। भाजपा की सरकार में पार्टी कार्यकर्ताओं के ही काम आसानी से नहीं होते, उनकी ये शिकायत अकसर रहती है? इस सवाल पर सीएम मनोहर लाल ने कहा भाजपा कार्यकर्ता ही पार्टी की ताकत हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता ये जानते हैं कि सरकार सिर्फ उनकी नहीं प्रदेश की जनता की भी है।
इसलिए जमीन से जुड़ा भाजपा का कार्यकर्ता अपना कर्त्तव्य समझता है। उचित काम नियमानुसार सभी के होते हैं। हमारे ऐसे 75 फीसदी कार्यकर्ता हैं, जो परदे के पीछे रहकर पार्टी के लिए काम करते हैं और 25 फीसदी कार्यकर्ता ही सामने रह कर काम करते हैं और ये सभी पार्टी की असली ताकत है।
हरियाणा के पांचों नगर निगमों में बंपर जीत और जींद उपचुनाव में विपक्ष की हार को सीएम मनोहर लाल सरकार के विजन की जीत मानते हैं। सीएम ने कहा कि प्रदेश में अब तक क्षेत्रवाद, जातिवाद, दक्षिण -उत्तर हरियाणा व धर्म आधारित राजनीति होती रही। सत्ता में आने के बाद भाजपा ने प्रदेश में जाट-गैर जाट राजनीति का चक्रव्यूह तोड़ा है।
सरकार ने हर वर्ग के काम बिना किसी भेदभाव के किए। इसलिए निगम चुनावों व जींद उपचुनाव में हर जाति व वर्ग ने पार्टी प्रत्याशियों को सिर आंखों पर बैठाया। यही जीत का मूल मंत्र रहा। भाजपा कभी किसी एक वर्ग या जाति को आधार बनाकर राजनीति नहीं करती। वे कभी ऐसा भी सोच नहीं सकते कि वोटों का बिखराव या ध्रुवीकरण जातिगत हिसाब से हो।
देश व प्रदेश में एक मानसिक सोच बनी हुई है, अपनी जाति के हिसाब से लोग उम्मीदवार के पीछे लग जाते हैं। मतदाता अपने हिसाब से जातीय समीकरण बना लेता है, लेकिन समय व शिक्षा का स्तर बढ़ने से बदलाव आ रहा है। बड़ी संख्या में जनता विकास को तरजीह देने लगी है। कुछ प्रतिशत जनता अब भी है जो खुद को जाति के हिसाब से बांट लेती है। कुछ जाति के वोट कम होते हैं फिर भी उनका लीडर जीत जाता है, यह सब विकास की देन है।
कानून हाथ में किसी को नहीं लेने देंगे, शांतिपूर्ण होंगे चुनाव
सीएम ने कहा कि जाट आंदोलन जिस वर्ग ने किया, उसे भी नुकसान हुआ। लोकतांत्रिक तरीके से मांग उठानी चाहिए। आरक्षण दिया भी है, जिन्हें जरूरत है। आंदोलन का तरीका गलत था। डिमांड मान भी ली गई थी, बावजूद आंदोलन में हिंसा की गई। यह सब चुनी गई सरकार को अस्थिर करने के लिए था। जिस पर अन्य वर्गों ने भी प्रतिक्रिया दी। भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं होने देंगे। कानून व्यवस्था को हाथ में लेना दोष है। सरकार ऐसा प्रदेश में कभी नहीं होने देगी। लोकसभा व विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराएंगे।