लोकसभा चुनाव 2019 निपट गए, तो अब पंजाब में मंत्रियों और विधायकों पर एक्शन लेने की तैयारी शुरू हो गई है, क्योंकि कैप्टन ने सिर्फ धमकी नहीं दी थी। दरअसल, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह मिशन-13 के रूप में सभी सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरे थे। लेकिन उनका मिशन 8 सीटों पर ही ठहर गया।
भले ही देशभर में कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए पंजाब में पार्टी की यह जीत शानदार है, फिर भी कैप्टन ने अपने मंत्रियों और विधायकों को चुनाव मुहिम में जिन कड़े संकेतों के साथ लगाया था, वह पूरा नहीं हो सका। इसका कैप्टन को मलाल है और उन्होंने वीरवार को चुनाव नतीजों के बाद ही स्पष्ट कर दिया कि जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभाने वाले मंत्रियों-विधायकों पर कार्रवाई होगी।
पंजाब में जिन पांच सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी नहीं जीत सके, उन सीटों के अधीन कैप्टन के करीब आधा दर्जन मंत्री आते हैं। यानी, कैप्टन अगर कार्रवाई करते हैं तो उन्हें अपनी कैबिनेट से कई मंत्रियों की छुट्टी करनी होगी। दरअसल, चुनाव प्रचार के दौरान कैप्टन ने सभी मंत्रियों-विधायकों को चेतावनी दी थी कि जिन मंत्रियों के क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी पिछड़ेंगे उन्हें कुर्सी गंवानी पड़ सकती है।
साथ ही विधायकों को न तो चेयरमैनी मिलेगी और न ही अगले चुनाव में टिकट।
बठिंडा संसदीय सीट : इस सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी राजा वड़िग चुनाव हार गए। यहां बठिंडा शहरी विधानसभा हलके से प्रदेश के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल विधायक हैं और शहरी क्षेत्र से ही अकाली प्रत्याशी हरसिमरत कौर बादल को सबसे ज्यादा वोट मिले हैं। हालांकि मनप्रीत ने पहले ही एलान कर दिया था कि अगर बठिंडा से कांग्रेस हारी तो वे कुर्सी छोड़ देंगे।
फिरोजपुर संसदीय सीट : यह सीट कैप्टन अमरिंदर सिंह के सबसे करीबी माने जाने वाले खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी का विधानसभा क्षेत्र है। इस संसदीय हलके के तहत कांग्रेस के चार अन्य विधायक परमिंदर सिंह पिंकी (फिरोजपुर सिटी), सतकार कौर (फिरोजपुर ग्रामीण), दविंदर सिंह घुबाया (फाजिल्का), नत्थु राम (बालुआना) भी हैं।
होशियारपुर : इस सीट के तहत होशियारपुर विधानसभा हलका राज्य के उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा की पैतृक सीट है। इस बार कांग्रेस के विधायक डा. राजकुमार चब्बेवाल इस संसदीय सीट से चुनाव हारे हैं। वह इसी सीट के तहत चब्बेवाल विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। इनके अलावा, श्री हरगोबिंदपुर से बलविंदर सिंह, मुकेरियां से रजनीश कुमार, दसूहा से अरुण डोगरा, उड़मुड़ से संगत सिंह, शाम चौरासी से पवन कुमार कांग्रेस के विधायक हैं।
संगरूर संसदीय सीट : यहां प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री विजेंदर सिंगला के विधानसभा हलके की सीट से आप के भगवंत मान ने शानदार बढ़त बनाई और कांग्रेस प्रत्याशी हार गया। इस संसदीय सीट के तहत पंजाब की एक अन्य मंत्री रजिया सुल्ताना हैं, जिनका विधानसभा हलका मालेरकोटला है। इनके अलावा धूरी हलके से दलबीर गोल्डी कांग्रेस से विधायक हैं।
गुरदासपुर संसदीय सीट : इस सीट से कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ चुनाव हारे हैं। चुनाव नतीजों में यह बात सामने आई कि दीनानगर हलके में कांग्रेस के वोट घटे हैं, जोकि राज्य की ट्रांसपोर्ट मंत्री अरुणा चौधरी का हलका है। खास बात यह भी है कि गुरदासपुर संसदीय सीट के तहत विधानसभा क्षेत्रों से तीन मंत्री आते हैं। इनमें डेरा बाबा नानक से जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और फतेहगढ़ चूड़ियां से पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा शामिल हैं। इनके अलावा, पठानकोट से अमित विज, कादियां से फतेहजंग बाजवा, गुरदासपुर से बरिंदरमीत सिंह पहाड़ा और भोआ से जोगिंदर पाल कांग्रेस के विधायक भी हैं।