मुख्यमंत्री बनने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह की आय में सात गुना वृद्धि उनके वेतन और अनुलाभ के साथ-साथ कुछ संपत्तियों की बिक्री से हुई है। उनकी पत्नी परनीत कौर द्वारा पटियाला से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल करते हुए समय प्रस्तुत फार्म 26 शपथ पत्र में उल्लेख करने का कोई प्रावधान नहीं है। यह स्पष्ट करते हुए, एक प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि 2016-17 में कैप्टन अमरिंदर की व्यक्तिगत आय 12.14 लाख रुपये थी, जबकि उनकी हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) आय शून्य थी।
वित्त वर्ष 2017-18 के अंत में मुख्यमंत्री ने मासिक वेतन के रूप में 81.43 लाख और उससे उत्पन्न अनुलाभ, जिसमें 72 लाख रुपये का वार्षिक वेतन और बैंकों व अन्य वित्तीय संस्थानों से उत्पन्न ब्याज शामिल है, को आयकर रिटर्न में दिखाया है। इसके अलावा, उन्होंने संपत्ति की बिक्री से पूंजीगत लाभ के अंतर के आधार पर वर्ष 2017-18 के दौरान हिंदू अविभाजित परिवार के कर्ता के रूप में 9.72 लाख रुपये हासिल किए। प्रवक्ता ने कहा कि जहां तक संपत्ति के मूल्य में वृद्धि का संबंध है, वह पिछले दो वर्षों में 48.29 करोड़ रुपये से बढ़कर 58.40 करोड़ रुपये हो गया है।
इस तरह यह वृद्धि कुछ संपत्तियों / भूमि की बिक्री का परिणाम हैं। इसका विवरण देते हुए कहा गया कि हिमाचल प्रदेश में भूमि बेचने के एवज में 4 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि मिली जबकि पटियाला के गांव बहादुरगढ़ में एचयूएफ भूमि की बिक्री से 5 करोड़ रुपये, गांव मरजी में भूमि की बिक्री से एक करोड़ रुपये और दुबई स्थित फ्लैट बेचने पर 1.25 करोड़ रुपये हासिल हुए। बिक्री से हुई आय में से, 3.71 रुपये में गांव सिसवां में भूमि खरीदी गई और इस भूमि पर एक घर के निर्माण पर 4.71 करोड़ रुपये खर्च हुए।