100 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाताओं को वोट डालने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे बुजुर्ग मतदाताओं को वोट डलवाने के साथ लेकर आने और फिर हिफाजत के साथ वापस घर छोड़ने के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए निर्वाचन कार्यालय की ओर से वाहनों का इंतजाम किया जा रहा है। इन्हें घर से लेकर पोलिंग बूथ तक पीने के पानी सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
निर्वाचन कार्यालय ने चुनाव की तैयारियों में लगे सभी मतदान कर्मियों को इसकी तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। देश में बुजुर्गों के सम्मान और मतदान के प्रति रुझान को देखते हुए आयोग की ओर से यह निर्णय लिया गया है। लोकसभा चुनाव में वोट डालने के लिए हर किसी को प्रेरित किया जा रहा है। चंडीगढ़ में 100 वर्ष या इससे अधिक आयु वाले बुजुर्ग वोटरों की संख्या 60 के आसपास बताई जा रही है। वोटिंग के प्रति इन बुजुर्ग मतदाताओं के उत्साह को देखते हुए उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।
उम्र के पुख्ता प्रमाण नहीं, अफसरों ने जांच की बात कही
जानकारी के मुताबिक, 100 साल से अधिक उम्र के कई मतदाताओं के पास उनकी जन्मतिथि को लेकर कोई पुख्ता दस्तावेज नहीं हैं। इस वजह से मतदाताओं के कहे अनुसार, वोटर कार्ड पर उम्र अंकित कर दी जाती है। इसी के आधार पर लोगों के वोटर कार्ड भी बन जाते हैं। कुछ मामलों में उम्र को लेकर निर्वाचन कार्यालय को विसंगतियों की आशंका है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने जांच की बात भी कही है।
घट या बढ़ भी सकती है ऐसे बुजुर्गों की संख्या
चुनावी महापर्व में सहभागिता करने वाले बुजुर्गों की सही उम्र का पता करने और उन्हें सम्मान देने के लिए कार्यालय ने संबंधित क्षेत्रों में लगे चुनाव कर्मियों को उनकी सही उम्र की जानकारी हासिल करने को कहा है। चंडीगढ़ में सौ वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या लगभ 60 बताई जा रही है लेकिन माना जा रहा है कि जमीनी स्तर पर जांच के बाद ऐसे बुजुर्गों की यह संख्या घट या बढ़ भी सकती है।
घर से बूथ तक मिलेंगी सुविधाएं
इस संदर्भ में सहायक मुख्य चुनाव अधिकारी आईएएस अर्जुन शर्मा ने बताया कि इस बार चुनाव आयोग के निर्देश पर बुजुर्गों को वोट डलवाने के लिए घर से बूथ तक हर संभव सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसके लिए निर्वाचन कार्यालय द्वारा तैयारियां की जा रही हैं।