पंजाब में लोकसभा चुनाव के नतीजे को लेकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की मंत्रियों-विधायकों को दी गई चेतावनी पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार तीन मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। उनके स्थान पर जिन विधायकों को मंत्री बनाया जाना है, उनके नामों पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार, जिन तीन मंत्रियों पर गाज गिर सकती है, उनके हलकों में कांग्रेस प्रत्याशी लोकसभा चुनाव नहीं जीत सके हैं। ये मंत्री हैं अरुणा चौधरी, विजयइंदर सिंगला और सुंदर श्याम अरोड़ा। अरुणा चौधरी पठानकोट के दीनानगर हलके से विधायक हैं और गुरदासपुर संसदीय सीट से सुनील जाखड़ को इस हलके से पर्याप्त वोट नहीं मिल सके।
विजयइंदर सिंगला संगरूर विधानसभा सीट से आते हैं और लोकसभा चुनाव के दौरान आप के भगवंत मान ने संगरूर हलके से शानदार बढ़त हासिल की।
वहीं, सुंदर श्याम अरोड़ा होशियारपुर हलके से विधायक हैं, जहां इस बार चब्बेवाल से कांग्रेस विधायक डा. राजकुमार को लोकसभा चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा।
हालांकि इन तीन मंत्रियों के अलावा बठिंडा से मनप्रीत सिंह बादल, संगरूर सीट के तहत मालेरकोटला से रजिया सुल्ताना और गुरदासपुर सीट के तहत डेरा बाबा नानक के सुखजिंदर सिंह रंधावा और फतेहगढ़ चूड़ियां से तृप्त राजिदर सिह बाजवा भी आते हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इन पर गाज नहीं गिरेगी।
इस बीच जिन विधायकों को मंत्री पद मिल सकता है, उसे लेकर भी पार्टी के भीतर विचार-विमर्श शुरू हो गया है। इनमें सबसे पहला नाम फतेहगढ़ साहिब से विधायक कुलजीत सिंह नागरा का है, जिनके हलके से कांग्रेस प्रत्याशी अमर सिंह ने शानदार जीत दर्ज की है। दूसरा नाम राजा वड़िंग का है, जो बठिंडा से चुनाव हारने के बावजूद अपने विधायक हलके के वोट हासिल करने में सफल रहे।