उम्मीदवारों या उनके चुनावी एजेंटों के लिए स्ट्रांग रूम के बाहर शौचालय, पीने का पानी और शेड की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। स्ट्रांग रूम के परिसर तक आने और जाने वालों के लिए लॉग बुक लगाई जाएगी, जिसमें उनकी उपस्थिति दर्ज की जाएगी। लॉग बुक को रिटर्निंग अधिकारी या जिला निर्वाचन अधिकारी अपनी देखरेख में रखेगा।
डॉ. इंद्रजीत ने बताया कि आयोग की हिदायतों के अनुसार स्ट्रांग रूम को केवल आपातकालीन स्थिति जैसे आग लगना, बाढ़ आना या भूकंप आने की स्थिति में ही खोला जा सकता है। लेकिन रूम को खोलने से पहले आयोग को बताना होगा और आयोग की अनुमति प्राप्त होने पर ही स्ट्रांग रूम को खोला जा सकता है।
आपातकालीन स्थिति में स्ट्रांग रूम से ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को रिटर्निंग अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, उम्मीदवारों या उनके चुनावी एजेंट और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की मौजूदगी में दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई जाएगी।