हरियाणा में लोकसभा चुनाव 2019 छठे चरण में 12 मई को होने हैं। ऐसे में काफी समय है, इसलिए कांग्रेस पार्टी प्रदेश में चुनाव टिकट आवंटन को लेकर जल्दबाजी में नहीं है। सभी दस सीटों पर कांग्रेस आलाकमान मार्च के अंतिम सप्ताह में या अप्रैल के पहले हफ्ते में टिकट बंटवारे पर फैसला ले सकती है। चूंकि, हरियाणा में चुनाव की अधिसूचना 16 अप्रैल को जारी होनी है और 23 अप्रैल तक नामांकन प्रक्रिया चलेगी।
ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी आलाकमान का फोकस शुरुआती चरण के चुनाव वाले राज्यों के टिकट आवंटन पर है। राहुल गांधी हरियाणा में चुनाव लेट होने के कारण प्रदेश के कांग्रेस नेताओं की बैठक भी बाद में लेंगे। सोमवार को उन्होंने लोकसभा चुनाव को लेकर प्रदेश के नेताओं के साथ दिल्ली में बैठक नहीं की।
राहुल फाइनल करेंगे नाम: तंवर
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक तंवर का कहना है कि टिकट के लिए जोर लगाना सभी नेताओं का नैतिक कर्तव्य है। टिकट मांगने वाले नेताओं को बूथ कमेटी का अनुमोदन, पार्टी के लिए किए गए कार्यों सहित अनेक औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया है। लेकिन पार्टी आलाकमान की ओर से हर सीट पर जिताऊ उम्मीदवारों के लिए कराया गया सर्वे टिकट आवंटन में अहम भूमिका अदा करेगा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी केंद्रीय चुनाव स्क्रीनिंग कमेटी के सुझाए नामों में से पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा करेंगे। हरियाणा में चुनाव लेट हैं, इसलिए अभी टिकट आवंटन में समय लगेगा।
उम्मीदवारों के पैनल लगभग दस दिन में तैयार होंगे
सूत्रों के अनुसार, हरियाणा में दस सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों के पैनल लगभग दस दिन में तैयार होंगे। चुनाव लड़ने के इच्छुक नेता कांग्रेस आलाकमान के साथ ही प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के भी संपर्क में भी हैं। पैनल में तीन दावेदारों के नाम शामिल होंगे या पांच के, ये भी अभी तय नहीं हो पाया है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से हरियाणा प्रदेश कांग्रेस की चुनाव स्क्रीनिंग समिति गठित नहीं की गई है। न ही अन्य कमेटियों का अभी गठन हुआ है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर जल्द ही चुनाव से संबंधित कमेटियों के गठन की हामी भर रहे हैं। उसके बाद ही हर सीट पर प्रमुख और जिताऊ दावेदारों का पैनल तैयार करके चुनाव समिति केंद्रीय स्क्रीनिंग कमेटी को भेजेगी।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर होने के कारण भी कांग्रेस आलाकमान को चुनाव संबंधी समितियों का गठन करने में दिक्कत आ रही है। टिकट के दावेदार प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद, एआईसीसी संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ ही अन्य बड़े नेताओं के दरबार में भी परिक्रमा कर रहे हैं।