सीएम मनोहर लाल, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर भाजपा और कांग्रेस फिर से आमने-सामने हो गए हैं। सीएम मनोहर लाल और पूर्व सीएम हुड्डा ने एक दूसरे पर तीखा तंज कसा। अरविंद शर्मा का नामांकन कराने आए मुख्यमंत्री मनोहर लाल सोमवार को जनसभा को संबोधित करते समय एक बार फिर जाट आरक्षण आंदोलन पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साध गए।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने संबोधन में कहा कि रोहतक में कभी भावनात्मक तो कभी अपनापन के नाम पर वशंवाद की बेल पनपती रही है। समय आ गया है कि मतदाता इस वशंवाद की बेल को खत्म करके समान विकास और सुशासन की राह पर आगे बढ़ें। हुड्डा पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि उन्हें 2014 में रोहतक में पार्टी की हार का आज भी मलाल है।
उस हार को जीत में बदलने और रोहतक को जलाने वालों को सजा देने का समय एक साथ आ गया है। उन्होंने कहा कि आप इस झांसे में कभी मत रहना कि कांग्रेस देश का भला करेगी। कांग्रेस तो सेना के अधिकारों को कम करने की बात कर रही है। पाकिस्तान जो चाहता है, वह काम पूरा करने को कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में कह चुकी है कि अनुच्छेद-370 नहीं हटने देंगे।
सरकार बनने पर दोषियों को कब्र से निकाल कर दंडित करेंगे
भाजपा की रैली के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। सीएम के रोहतक जलाने वाले बयान पर पलटवार करते हुए हुड्डा ने कहा कि भाजपा के शासन में तीन बार हरियाणा जला और जान माल का नुकसान हुआ।
सरकार की ओर से गठित प्रकाश सिंह कमेटी ने सीएमओ ऑफिस को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया, लेकिन भाजपा इसका दोष दूसरों पर मढ़ रही है। पूर्व सीएम हुड्डा ने मंत्री के पीएसओ पर निशाना साधते हुए कहा कि दोषी तो वह लोग हैं, जिसके पीएसओ के घर जूते और अन्य चोरी का सामान मिला।
उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर दोषियों को कब्र से निकाल कर दंडित किया जाएगा। भाजपा नेता चंडीगढ़, दिल्ली, झज्जर, भिवानी में बयान देते हैं कि दीपेंद्र को हराना है। लेकिन भाजपा को समझ लेना चाहिए कि दीपेंद्र ‘सूना नहीं हांड रहा’, उसके सिर पर जनता का मजबूत हाथ है।
उन्होंने कहा कि भाजपा लूट के पैसे के बल पर नतीजा बदलने की कोशिश कर सकती है, वह रखवाली आपको ही करनी है। वह 2005 में ही दीपेंद्र को जनता को सौंप चुके हैं। विरोधी दल अब घेरकर हमला करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं उनको कहना चाहता हूं कि मैंने रोहतक-झज्जर के मजबूत हाथों में अपने बेटे को सौंपा है।