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लोकसभा चुनाव 2019: हथियारों के सबसे ज्यादा लाइसेंस पटियालवियों के पास, दूसरे नंबर पर बठिंडा

Thu, 14 Mar 2019 02:55 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
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सांकेतिक तस्वीर
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पंजाब के शाही शहर पटियाला के लोग अब रफलां (बंदूकें) रखने के शौकीन हो गए हैं। पहले बादलों का इलाका बठिंडा इसमें आगे था, लेकिन अब यह ताज पटियाला के सिर सजा है। वीआईपी शहर मोहाली व अन्य जिले इस मामले में काफी पीछे हैं। लोकसभा चुनाव के चलते निर्वाचन आयोग भी सख्त हो गया है। पुलिस ने हथियारों की पड़ताल शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में जब तक चुनाव नहीं होते हैं, तब तक ये हथियार थानों में जमा होंगे।
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पंजाब सरकार के रिकार्ड के मुताबिक, इस समय सूबे में करीब 3.61 लाख असलहा लाइसेंसी है। बठिंडा जिले में किसी समय सबसे ज्यादा लाइसेंस होते थे। बठिंडा छावनी के जवानों व अफसरों ने लाइसेंस बनाए हुए थे, लेकिन अब वह शिफ्ट हो चुके हैं। पटियाला जिले में  20867 तो बठिंडा में 20325 लाइसेंसी हथियार हैं। इसके बाद फिरोजपुर जिले की बारी आती है। वहां पर 20132 लाइसेंसी हथियार हैं।

सीमावर्ती जिला तरनतारन हथियारों के लाइसेंस के मामले में चौथे नंबर पर है। वहां पर 18743 लोगों ने अपने असलहा लाइसेंस बनाए हुए हैं। वहीं, मुक्तसर में 18518 और मोगा में 17990 लाइसेंसी हथियार हैं। इसके अलावा मानसा में 9404, बरनाला में 8092, अमृतसर में  11940, फरीदकोट में 12538, लुधियाना में 8422, जालंधर में 5770, मोहाली में 5943 और जिला फतेहगढ़ साहिब में 5705 हथियारों के लाइसेंस हैं।
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मोहाली साक्षरता दर में टॉप पर

वर्ल्ड क्लास सिटी मोहाली में पंजाब के सबसे ज्यादा पढ़े लिखे लोग रहते हैं। मोहाली की साक्षरता दर 91.86 फीसदी है। इलाके के अधिकतर लोग नौकरी पेशा हैं। इसके अलावा आईटी सिटी, इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम व हॉकी स्टेडियम के चलते मोहाली पूरी दुनिया में जाना जाता है। दिल्ली की कुतुब मीनार से ऊंची फतेह मीनार भी मोहाली में ही है।

इमीग्रेशन फ्रॉड भी सबसे ज्यादा मोहाली में
कुछ साल से मोहाली इमीग्रेशन फ्रॉड के मामले में जिले में टॉप पर है। पूरे पंजाब में सबसे ज्यादा केस यहीं पर दर्ज हुए है। यहां पर कई इमीग्रेशन कंपनियां गैर कानूनी तरीके से चल रही हैं। कुछ कंपनियां लोगों को निशाना बनाकर फरार हो चुकी हैं। प्रशासन भी लोगों को हिदायत दे चुका है कि किसी भी ट्रेवल एजेंट के चक्कर में न आएं। जब तक उनकी पूरी तसल्ली नहीं होती है, तब तक किसी के चक्कर में न आएं।
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