डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को माफी दिए जाने वाले दस्तावेज जांच कमेटी को सौंप दिए गए हैं। ऐसे में अब लोकसभा चुनाव से पहले सुखबीर बादल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। तख्त श्री पटना साहिब के निवर्तमान जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह ने सात सदस्यीय कमेटी को दस्तावेज सौंपे। ज्ञानी इकबाल सिंह द्वारा लोकसभा चुनाव 2019 से पहले अकाली दल को पंथक कटघरे में खड़ा करने की कोशिशों ने शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के लिए नई चुनौती पैदा कर दी है।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पांच सिंह साहिबान की बैठक में ज्ञानी इकबाल सिंह पर लगे आरोपों की जांच सात सदस्यीय कमेटी को सौंपी थी और जांच करके रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए थे। इसी कमेटी की रिपोर्ट को आधार बना ज्ञानी इकबाल सिंह के विरुद्ध एक सख्त निर्णय लिया जा सकता है, ताकि ज्ञानी इकबाल सिंह को धार्मिक कटघरे में खड़ा करके उनकी पंथक मान्यता को और चोट पहुंचाई जा सके।