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बेटे के चक्कर में कैप्टन यादव ने गंवाई अपनी भी टिकट

Wed, 19 Mar 2014 08:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव ने पुत्र मोह में गुड़गांव से मिल रही कांग्रेस की टिकट भी गंवा दी।
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कांग्रेस आलाकमान गुड़गांव सीट पर कैप्टन यादव को टिकट देना चाहता था लेकिन वे इस बात पर अड़ गए कि गुड़गांव से उनके बेटे चिरंजीव राव को ही टिकट दिया जाए।

पार्टी ने उनकी जिद नहीं मानी और बादशाहपुर से विधायक राव धर्मपाल को टिकट थमा दिया। उधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर को सिरसा और राजकुमार वाल्मीकि को अंबाला से पार्टी ने उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
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सिरसा के सांसद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर दस दिन तक भंवर में फंसे रहे और तय नहीं कर पाए कि चुनाव अंबाला से लड़ना है या सिरसा से। उनकी पत्नी अवंतिका माकन तंवर और उनके समर्थकों ने दबाव डाल रखा था कि तंवर सिरसा से ही चुनाव लड़ें।

अंबाला शहर से विनोद शर्मा भी कांग्रेस छोड़कर चले गए। तंवर को लगा कि अंबाला में सीट सुरक्षित नहीं है। हालांकि अंबाला लोकसभा के कुछ कांग्रेसी नेताओं ने उन्हें कहा कि अगर वे अंबाला से लड़ेंगे तो सीट पक्का जीतेंगे।

अंत में तंवर ने नफा-नुकसान देखते हुए सिरसा से चुनाव लड़ने का मन हाईकमान को बता दिया। अंत में 18 मार्च की शाम उनके नाम की सार्वजनिक घोषणा कर दी। हालांकि तंवर ने चुनाव प्रचार पहले ही शुरू कर दिया था।
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चंद्रमोहन करनाल, कुलदीप हिसार से लड़ेंगे
दिवंगत मुख्यमंत्री भजनलाल के दोनों बेटे चंद्रमोहन और कुलदीप बिश्नोई लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। भाजपा-हजकां गठबंधन में भाजपा से करनाल सीट हजकां ने ली है।

इस सीट पर पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन गठबंधन उम्मीदवार बनाए गए हैं। हजकां अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई स्वयं हिसार से गठबंधन उम्मीदवार हैं।

कालका से चार बार विधायक बन चुके चंद्रमोहन को अनुराधा बाली उर्फ फिजा से निकाह करने के बाद डिप्टी सीएम पद से हटा दिया गया था।

हालांकि उन्होंने 2009 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट  हासिल करनी चाही थी मगर कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी और अपने भाई की पार्टी हजकां में शामिल हो गए थे।

वे करनाल से चुनाव लड़ना चाहते थे इसलिए हजकां ने करनाल सीट लेने के लिए पूरा जोर लगा दिया था। करनाल सीट से उनके भजनलाल भी सांसद रह चुके हैं।
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