हरियाणा का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। प्रत्याशी अपनी जीत के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं लेकिन कुछ सीटें ऐसी हैं, जहां प्रत्याशियों को डर है कि बागी उनकी बाजी न बिगाड़ दें। दरअसल, टिकट वितरण और अन्य मसलों पर विभिन्न दलों के नेता नाराज चल रहे हैं।
हालांकि नेताओं ने अपनी नाराजगी छोड़ प्रत्याशियों को पूरा समर्थन देने की बात कह दी है, लेकिन प्रत्याशियों को भितरघात का भय सता रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर कांग्रेस और जननायक जनता पार्टी (जजपा) में देखने को मिल रहा है।
10 विधायकों वाली जजपा में पांच विधायक नारनौंद से रामकुमार गौतम, बरवाला से जोगीराम सिहाग, गुहला से ईश्वर सिंह, सिरसा से देवेंद्र बबली व नरवाना से विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा नाराज चल रहे हैं। ये सभी विधायक विभिन्न कारणों से नाराज हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में लोकसभा प्रत्याशियों के प्रचार से दूर हैं।
उधर, भाजपा दावा कर रही है कि जजपा के छह विधायक उनके साथ हैं। इन नाराज विधायकों में से भाजपा-जजपा की गठबंधन सरकार में पंचायत मंत्री रहे देवेंद्र बबली तो जजपा पर अपना दावा ठोंकने की तैयारी में दिख रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अपने घर में एक बूथ बनाकर सुझाव पेटी लगाई है, जिसमें वे इस संदर्भ में समर्थकों का सुझाव एकत्रित कर रहे हैं।