पार्टी प्रधान की मनमानियों के कारण टकसाली अकाली नेता पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर हो गए। नई पार्टी में शामिल होने के बारे पूछे गए सवाल पर घुबाया ने कहा कि जो पार्टी अच्छा सम्मान देगी, उस पार्टी में ही जाएंगे। उनके बेटे दविंदर घुबाया फाजिल्का से कांग्रेस के विधायक हैं और उनका झुकाव तो कांग्रेस की ओर ही है। लेकिन आखिरी फैसला अभी बाकी है।
सात मार्च को मोगा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली है। घुबाया ने भी बातों-बातों में संकेत दिए हैं कि उनका झुकाव कांग्रेस की ओर है। ऐसे में उम्मीद है कि सांसद घुबाया 7 मार्च को मोगा की रैली में कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।
घुबाया को निकालने का फैसला पहले ही हो चुका था : चीमा
अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि पार्टी शेर सिंह घुबाया को निकालने का फैसला पहले ही कर चुकी थी। ऐसे में अब घुबाया को इस्तीफा देने की तकलीफ नहीं करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि सिर्फ वेतन की खातिर घुबाया कुर्सी से चिपके रहे।