पार्टी से निकाले जाने पर अजय चौटाला भड़क गए। दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला ने भी तेवर दिखाए, कई कार्यकर्ता भी इस तानाशाह फैसले के खिलाफ हैं। अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अजय चौटाला ने अभय चौटाला को तानाशाह बताया। उन्होंने कहा कि अभय ने मुझे किस अधिकार से पार्टी से निकाला।
दुष्यंत-दिग्विजय पर तो आरोप लगाया कि उन्होंने गोहाना रैली में नारेबाजी की, पर मेरे ऊपर तो कोई इल्जाम भी नहीं। फिर ऐसा क्यों किया गया। इनेलो किसी के बाप की बपौती नहीं है। मैं चौधरी देवी लाल के आदर्शों पर चल रहा हूं और इनेलो के अधिकांश कार्यकर्ता मेरे साथ हैं। 17 तारीख को जींद में हर हाल में होगी कार्यकारिणी की मीटिंग होगी।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर केसी बांगड़ ने कहा कि यह तानाशाही फैसला है और इससे पार्टी वेंटीलेटर पर चली गई है। केसी बांगड़ बोले, मैं खुद इस्तीफा देता हूं। 40 साल पुराने कार्यकर्ता को बिकाऊ कहने से मैं बहुत आहत हूं और अभी मेरा जीने का हूं दिल नहीं करता।