दिवाली भी बीत गई लेकिन पंजाब के 30 लाख से अधिक युवाओं को मुफ्त मोबाइल फोन नहीं मिल सका और चुनावी वादा फुस्स हो गया। पंजाब में कांग्रेस ने बीते विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से वादा किया था कि प्रदेश में उनकी सरकार आने के 100 दिन के भीतर युवाओं को मुफ्त स्मार्ट फोन बांटे जाएंगे। इस दौरान वित्त मंत्री ने दो बार एलान भी किया कि इस दिवाली पर स्मार्ट फोन बांटे जाएंगे। इसी अवधि के दौरान राज्य सरकार ने अपने मंत्रियों, विधायकों और आला अफसरों के लिए लग्जरी गाड़ियां खरीदने के लिए करीब 90 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर ली जबकि मुफ्त मोबाइल फोन के लिए वित्त विभाग से अब तक बजट तय नहीं हो सका है।
कांग्रेस ने अपने चुनाव मैनिफेस्टो में वादा किया था कि विधानसभा चुनाव के दौरान जिन युवाओं ने पार्टी के साथ रजिस्ट्रेशन कराया है, उनके सरकार बनते ही 100 दिन के भीतर मुफ्त मोबाइल फोन दिए जाएंगे। तब भारी संख्या में युवाओं से फार्म भी भराए गए थे लेकिन अब पार्टी का कहना है कि उसके पास ऐसे युवाओं का कोई डाटा नहीं है। फिर भी 30 लाख से ज्यादा युवाओं ने पार्टी के पास रजिस्ट्रेशन कराया था। बीते दिनों वित्त मंत्री द्वारा दिवाली पर मोबाइल फोन देने के एलान के समय यह तय किया गया था कि जो युवा पार्टी के साथ रजिस्ट्रेशन की रसीद दिखाएंगे, उन्हें ही मुफ्त मोबाइल फोन दिया जाएगा।
सरकार द्वारा यह भी दावा किया गया था कि मुफ्त मोबाइल फोन देने के लिए 10 करोड़ रुपये के फंड की व्यवस्था की जा रही है। लेकिन कुछ अधिकारियों का कहना है कि 30 लाख से अधिक मोबाइल फोन खरीदने के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा सरकार ने मुफ्त फोन के साथ मुफ्त इंटरनेट कनेक्शन का वादा भी किया हुआ है। अब तक इस मुद्दे पर किसी कंपनी के साथ बातचीत नहीं की गई है। हालांकि रिलायंस सहित कुछ कंपनियों ने सरकार के समक्ष पेशकश रखी है। इस मामले पर कुछ कांग्रेस विधायकों ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि कैप्टन सरकार प्रदेश के छोटे व मध्यम किसानों के फसली कर्ज माफी का अपना वादा पूरा करने में जुटी है।
सरकार की माली हालत इतनी अच्छी नहीं है कि वह एक साथ कई बड़ी योजनाओं के लिए धन खर्च कर सके। जैसे ही फसल कर्ज माफी की योजना का काम पूरा होगा, कैप्टन सरकार युवाओं से किया वादा भी निभाएगी और बढिया स्मार्ट फोन बांटे जाएंगे। उधर, मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि सरकार इस मामले में पारदर्शी ढंग से टेंडर प्रक्रिया के जरिए स्मार्टफोन खरीदेगी और यह काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। वैसे सरकार इस पर भी विचार कर रही है कि युवाओं को मुफ्त मोबाइल फोन सेट देने की बजाए उतनी नगद राशि युवाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दे। फिलहाल अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री ही लेंगे।