जानकारी के मुताबिक अंबाला जेल में 1224 बंदी, हिसार जेल वन में 1506, हिसार जेल टू में 701, रोहतक जेल में 1378, करनाल जेल में 2339, गुरुग्राम जेल में 2329, भिवानी जेल में 899, सिरसा जेल में 831, सोनीपत जेल में 1135, जींद जेल में 827, कुरुक्षेत्र जेल में 693, नारनौल जेल में 549, रेवाड़ी जेल में 105, कैथल जेल में 533, फरीदाबाद जेल में 2413, यमुनानगर जेल में 847, पलवल जेल में 48, पानीपत जेल में 59 व झज्जर जेल में 1044 बंदी हैं।
चूके तो दो रुपये हो जाएंगे जब्त
उधर, किसी मतदाता की पहचान को चुनाव एजेंट द्वारा चुनौती दी जा सकती है। मतदान केंद्र पर यदि किसी मतदाता पर पोलिंग एजेंट को फर्जी मतदाता होने का संदेह हो, तो पोलिंग एजेंट उस व्यक्ति की पहचान को चुनौती दे सकता है। इसके लिए पोलिंग एजेंट को सबसे पहले प्रिजाइडिंग ऑफिसर के पास 2 रुपये नकद में जमा करवाने होंगे।
जांच के बाद अगर पोलिंग एजेंट का दावा सही पाया जाता है तो उस व्यक्ति को वोट देने से रोक दिया जाएगा और उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा। यदि एजेंट का दावा गलत पाया जाता है तो व्यक्ति को वोट देने की अनुमति दे दी जाएगी और पोलिंग एजेंट द्वारा जमा करवाए गए 2 रुपये की नकद राशि जब्त कर ली जाएगी।