लोकसभा चुनाव नजदीक है। कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, लेकिन पार्टी में टिकट के दावेदारों की लाइन लग गई है, जिससे गुटबाजी हावी हो गई है। अपनी ही पार्टी के भवन में एंट्री पाने के लिए पूर्व मेयर पूनम शर्मा को धरने पर बैठना पड़ा, वह भी पूरे 22 घंटे। शुक्रवार दोपहर 3 बजे से सेक्टर-35 स्थित कांग्रेस भवन के बाहर धरने पर बैठीं पूनम शर्मा का धरना रात भर जारी रहा।
शनिवार सुबह चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा उनसे मिलने पहुंचे और 22 घंटे बाद दोपहर करीब एक बजे उनका धरना खत्म करवाया। पूनम शर्मा ने नवजोत कौर सिद्धू को कांग्रेस भवन में एंट्री दिलाने के बाद ही खुद भी कांग्रेस भवन में प्रवेश किया। नवजोत कौर के पहुंचते ही पवन बंसल भी कांग्रेस भवन पहुंच गए और इशारों ही इशारों में नवजोत कौर के सामने कह भी दिया कि जो लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, उनके पास चंडीगढ़ टेरोटोरियल कांग्रेस (सीटीसी) की सदस्यता तक नहीं है और वो लोग बाहर से आकर कांग्रेस भवन पर कब्जा जमाना चाहते हैं।
पूनम शर्मा बोलीं- एक दिन पहले बता दिया था, छाबड़ा बोले- मुझे कोई सूचना नहीं दी
पूर्व मेयर पूनम शर्मा ने बताया कि एक दिन पहले यानी वीरवार को वह खन्ना में थीं और वहां से उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा को फोन कर पूछा था कि वह महिला दिवस पर कांग्रेस भवन में एक कार्यक्रम करना चाहती हैं, जिसमें वह नवजोत कौर को बुलाएंगी। क्या कांग्रेस भवन में कोई और प्रोगाम है। इस पर प्रदीप छाबड़ा ने कहा था कि वह पता करके बताते हैं।
कुछ देर बाद छाबड़ा का फोन आया कि कांग्रेस भवन में कोई प्रोग्राम नहीं है। इसके बाद नवजोत कौर का सारा प्रोग्राम प्लान किया गया। लेकिन हैरानी की बात है कि प्रदीप छाबड़ा शुक्रवार को बार-बार यह कहते दिखे कि उनकी पूनम शर्मा से कोई बात नहीं हुई है और न ही उन्हें कार्यक्रम की कोई जानकारी थी। वहीं, दूसरी ओर पूनम शर्मा ने दावा किया कि उनके पास कॉल रिकार्डिंग है।