बता दें कि भाजपा सहवाग को रोहतक जिले से चुनाव में खड़ा करना चाहती है। इसके लिए 27 फरवरी को हिसार में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली मीटिंग में फाइनल चर्चा होनी थी, लेकिन उससे पहले ही पासा उलटा पड़ गया। वीरू को टिकट देने की दो वजह हैं।
एक, वीरू झज्जर जिले के गांव छुड़ानी के रहने वाले हैं। ऐसे में उन पर बाहरी होने का आरोप भी नहीं लगेगा। दूसरा, रोहतक लोकसभा का 16 बार चुनाव हो चुका हैं, जिसमें 10 बार हुड्डा परिवार ने जीत हासिल की। ऐसे में जीत की हैट्रिक जमा चुके दीपेंद्र हुड्डा को हराने के लिए दमदार चेहरा चाहिए।