भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आगामी लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाने के लिए पंजाबियों का समर्थन मांगा। वहीं नवजोत सिद्धू के खिलाफ एक बड़ा बयान दिया। रविवार को अमित शाह पंजाब के अमृतसर स्थित ग्रीन रिसोर्ट में अमृतसर, गुरदासपुर और होशियारपुर के शक्ति केंद्र कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे थे।
इस दौरान शाह ने कहा कि पाकिस्तान को उसकी भारत विरोधी नीतियों का जवाब देने की क्षमता केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास ही है। 1984 के दिल्ली दंगों के आरोपियों को 34 साल तक सजा देने के बारे में पूर्व की सरकारों ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई। मोदी ने स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम का गठन करके दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपी सज्जन कुमार को जेल में बंद करवाया।
वहीं अमित शाह ने पुलवामा आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए मंत्री नवजोत सिद्धू पर तंज कसा कि पाकिस्तान सेना प्रमुख बाजवा को गले मिलकर श्री करतारपुर साहिब के कॉरिडोर के निर्माण का मसला हल नहीं होना था। सिद्धू जिस पार्टी के साथ हैं, उनके पूर्वजों ने देश विभाजन के समय करतारपुर साहिब पाकिस्तान को दे दिया था। सिद्धू ने बाजवा से गले मिलकर देश का सिर नीचा कर दिया।
शहीदों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाने देंगे
अमित शाह ने पुलवामा हमले के शहीदों के परिजनों को विश्वास दिलाया कि भाजपा के 10 करोड़ से अधिक कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हैं। देश के लिए पंजाबियों ने सबसे अधिक कुर्बानी दी। ऐसे में हमारा फर्ज है कि हम उन वीर बहादुरों के परिवारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
पुलवामा हमले में शहीद हुए पंजाब के चार जवानों को श्रद्धासुमन भेंट करते हुए उन्होंने कहा कि जिन्होंने देश की एकता के लिए खून बहाया है, उसे व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। मोदी सरकार आतंकियों को सबक सिखाएगी। शाह ने कहा कि यूपीए की सरकार ने दस वर्ष में तीन करोड़ किसानों के लिए मात्र 52 हजार करोड़ रुपये के कर्ज की माफी की। मोदी सरकार ने 12 करोड़ किसानों के बैंक खतों में सीधे 75 हजार करोड़ की राशि जारी कर रही है।
प्रकाश सिंह बादल की तारीफ में सुखबीर को भूले अमित शाह
दस वर्ष तक सत्ता के केंद्र बिंदु रहे शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल की कार्यप्रणाली से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह नाराज हैं। इसके संकेत उन्होंने अपने अमृतसर दौरे के दौरान दिए। शाह ने अपने भाषण में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का नाम लेकर उनके द्वारा लागू नीतियों का बार-बार उल्लेख किया, लेकिन एक बार भी सुखबीर बादल का नाम नहीं लिया।
शाह ने प्रकाश सिंह बादल की तारीफ की, कैप्टन को कटघरे में खड़ा किया, लेकिन बेअदबी व बहिबल कला गोलीकांड पर करवाई जा रही जांच पर चुप्पी साधे रखी। पिछले चार साल से बेअदबी व बहिबलकलां गोलीकांड की घटना के बाद पंथक कटघरे में खड़े प्रकाश सिंह बादल का नाम लेकर जहां अमित शाह ने उन्हें राजनीतिक ताकत देने का प्रयास किया, वहीं केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के कामों का भी उल्लेख किया। सुखबीर बादल का उल्लेख तक न करके शाह ने भविष्य में अकाली-भाजपा गठजोड़ की नई इबारत लिखने के संकेत भी दे दिए।
ठग गठबंधन बताए उनका नेता कौन
अमित शाह ने देश की अलग-अलग राजनैतिक पार्टियों द्वारा किए जा रहे महागठबंधन को ठग गठबंधन की संज्ञा देते हुए कहा कि इसमें शामिल नेता बताएं कि 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए हो रहे इस तथाकथित गठबंधन का नेता कौन है। भाजपा और उसके सहयोगी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। शाह ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रकाश सिंह बादल की सरकार द्वारा शुरू की गई सभी जनकल्याण की स्कीम को बंद कर दिया गया है।
मोदी सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए पिछले साढ़े चार साल में 161 हजार 960 करोड़ की राशि दी। यूपीए सरकार के समय पंजाब को मात्र 30157 करोड़ की राशि ही मिली थी। मोदी सरकार ने अमृतसर को हैरिटेज सिटी का दर्जा दिया। आईआईएम संस्था का निर्माण कार्य शुरू करवाया। पंजाब में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 45000 करोड़ की राशि खर्च की गई। सिखों के लिए आनंद मैरिज एक्ट लागू किया। श्री हरमंदिर साहिब सहित सभी गुरुद्वारा साहिब व मंदिरों का जीएसटी माफ किया।
कैप्टन बताएं कितने नौजवानों को मिली नौकरी
अमित शाह ने कैप्टन अमरिंदर से पूछा कि अब वह बताएं कि उन्होंने कितने किसानों का कर्जा माफ किया। पंजाब नशा मुक्त हुआ क्या? कितने नौजवानों को घर-घर जा कर नौकरी दी। 2500 प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता कब मिलेगा। ठेके पर रखे कितने कर्मचारी पक्के किए गए। अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों को अभी तक वजीफा क्यों नहीं मिल पाया। गरीबों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने पर रोक क्यों लगाई। कैप्टन बताएं कि वह विकास करने वाली सरकार है या बंद करने वाली।