सांसद भगवंत मान ने एक बार फिर आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई की कमान संभाल ली है। पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया और कोर कमेटी के मेंबरों की मौजूदगी में उन्होंने प्रधानगी का पदभार ग्रहण किया। मीडिया से बातचीत में सुखपाल खैरा और उनके साथ गए विधायकों का नाम लिए बगैर सिसोदिया ने कहा कि जिन्हें पदों की चिंता है वह आप में हमेशा परेशान महसूस करेंगे।
किसी को लगता है कि उसे पद से प्यार है तो वह जितनी जल्दी हो सके पार्टी छोड़ दे। इसी में उसका और पार्टी का भला है। लेकिन उन्हें यह साफ नहीं किया कि खैरा के साथ गए विधायकों को मनाया जाएगा या कार्रवाई होगी। सिर्फ इतना बोले कि जो पार्टी के खिलाफ जाएगा उस पर कार्रवाई करेंगे। हित सोचने वालों को साथ लेंगे। पंजाब की नदियों के पानी पर भी सिसोदिया स्पष्ट स्टैंड नहीं बता सके।
केजरीवाल की बिक्रम मजीठिया से माफी पर मान ने पुरानी दलील दोहराई कि उन पर मानहानि के 34 केस चल रहे थे। काम प्रभावित हो रहा था, इसलिए सभी से माफी मांग ली। शराब छोड़ने के मुद्दे पर मान बोले कि विरोधियों ने उन्हें बदनाम करने को परसेप्शन बनाई। अगर कोई भी बात थी तो अब वह पूरी तरह खत्म हो जाएगी। सीएम ने चार हफ्ते में नशे खत्म करने का एलान किया था। दो साल होने वाले हैं, पर सरकार नाकाम रही है। इस मौके पर हरपाल चीमा, प्रिंसिपल बुद्ध राम, सरबजीत कौर माणुके, अमन अरोड़ा भी मौजूद थे।
भगता समेत कई लोग हुए शामिल
कार्यक्रम के दौरान कई लोग आप में शामिल हो गए। जिनमें रामपुरा फूल के प्रिंसिपल दलजीत सिंह भगता प्रमुख थे। जिन्होंने पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका की धक्केशाही के खिलाफ डट कर आंदोलन किया था। पटियाला के कांग्रेस नेता संजीव गुप्ता, साहनेवाल से चुनाव लड़ चुके दलीप सिंह फौजी ने भी पार्टी ज्वाइन की।