श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा से पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने अकाली दल के वरिष्ठ नेता प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा को 47352 मतों के अंतर से मात दी है। तिवारी की जीत के बाद यह इतिहास भी बदल गया कि श्री आनंदपुर साहिब सीट से जिस पार्टी का प्रत्याशी जीत हासिल करता है केंद्र में सरकार भी उसी पार्टी की बनती है।
श्री आनंदपुर साहिब हलके से कुल 26 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे। इन चुनाव में अकाली दल टकसाली के उम्मीदवार बीर दविंदर सिंह और सीपीआईएम के उम्मीदवार कामरेड रघुनाथ सिंह क्रमशः 10315 और 10638 वोटों के साथ एक प्रतिशत का आंकड़ा भी पार न कर सके। वहीं 16 उम्मीदवार ऐसे थे,जिन्हें चार अंकों में मत नहीं मिल सके। चार उम्मीदवारों को तो तीन अंकों तक ही मिलीं।
बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवारों के अलावा बाकी सभी 20 उम्मीदवारों को नोटा की अपेक्षा कम वोट पड़े। इस सीट पर नोटा को 17069 मत मिले। मनीष तिवारी को कैप्टन अमरिंदर सिंह का करीबी माना जाता है।
यही वजह रही कि उन्हें यहां से प्रत्याशी बनाया गया। इससे पहले मनीष तिवारी लुधियाना लोकसभा सीट से जीतकर केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। वहीं श्री आनंदपुर साहिब सीट से 2014 में प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने जीत हासिल की थी। उन्हें पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी को हराया था।