राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप पुरी
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16 राउंड की मतगणना में औजला ने शुरू से बढ़त बना ली थी। औजला ने 2017 के लोकसभा उपचुनाव में भाजपा के राजिंदर मोहन सिंह छीना को लगभग दो लाख वोटों से हराया था। अमृतसर लोकसभा सीट हमेशा से हाई प्रोफाइल और बड़े उलटफेर के लिए जानी जाती रही है।
लगातार ये दूसरी बार हुआ जब अमृतसर की जनता ने भाजपा के दो बड़े नेताओं को नकार दिया। 2014 लोकसभा चुनाव में अमृतसर से वित्तमंत्री अरुण जेटली को पंजाब के मौजूदा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने शिकस्त दी थी। हरदीप पुरी को कांग्रेस प्रत्याशी गुरजीत सिंह औजला ने हराया।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के सीट छोड़ने के बाद वो यहां से जीते थे। हरदीप पुरी 1974 बैच के विदेश सेवा के अधिकारी थे। पुरी का जन्म दिल्ली में हुआ और इनके पिता भी राजनयिक थे। 2004 से 2009 तक नवजोत सिंह सिद्धू भाजपा की टिकट से दो बार अमृतसर के सांसद बने। हालांकि इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया और पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।