पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
सवाल : आपकी दो साल की प्रमुख उपलब्धियां क्या हैं?
जवाब - अभी तक जिस तरह से काम कर रहा हूं, संतुष्ट हूं। मैं जानता हूं कि अब भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। हम विधानसभा चुनाव में लोगों से किए अधिकतर वादे निश्चित तौर पर पूरे कर रहे हैं। खास बात यह है कि हमने राजकोषीय संकट के बावजूद यह किया है। पिछली सरकार ने तो खजाना बिल्कुल खाली कर दिया था।
हमें सत्ता में आए सिर्फ दो साल यानि 40 फीसदी समय हुआ है, अभी 60 प्रतिशत बाकी है। मैं पूरे विश्वास से कह सकता हूं कि हम न केवल उन समस्याओं का अंत करेंगे, जिन्हें लोग दस सालों से झेल रहे थे, बल्कि उन्हें प्रगति और समृद्धि की राह पर ले जाएंगे, जिसके वे हकदार हैं।
सवाल : आम चुनाव अब सिर पर हैं। दो महीने के बाद देश अपना नया प्रधानमंत्री तय करेगा। क्या आप पंजाब या दिल्ली में अपनी जैसी विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन करना चाह रहे हैं? दूसरा, आपको आसानी से कितनी सीटें जीतने का भरोसा है?
जवाब - पहले मैं आपके दूसरे प्रश्न का उत्तर देना चाहूंगा। मैं पंजाब में कांग्रेस के लिए सभी 13 सीटें जीतने के प्रति आश्वस्त हूं। हमारा प्रदर्शन शिरोमणि अकाली दल और आप, दोनों से कहीं बेहतर है। इस कारण लोग केवल कांग्रेस को ही वोट देंगे। हमने दो सालों में जो कर दिखाया है, उससे लोगों को हम पर विश्वास है। यह विश्वास लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के लिए एक बार फिर से व्यापक जीत में तब्दील होगा। यहां किसी से गठबंधन की कोई जरूरत नहीं है।
सवाल : विधानसभा चुनावों के दौरान आपने कहा था कि अकाली पूरी तरह से दौड़ से बाहर है और लड़ाई कांग्रेस और आप के बीच है। क्या आपको लगता है कि इस बार आम आदमी पार्टी में फूट से यह परिदृश्य बदल जाएगा?
जवाब - मैंने विधानसभा चुनाव से पहले भी कहा था कि आप ताश के पत्तों की तरह ढह गई है, वह गर्त में जा रही है। वह देश के किसी भी हिस्से में लड़े, हर चुनाव को बुरी तरह हार रहे हैं। पंजाब में पार्टी में फूट पड़ चुकी हैं जो दर्शाता है कि चीजें कितनी खराब हैं। वे किसी मुद्दे पर कोई स्टैंड नहीं लेते, हम सभी इसे जानते हैं।
चुनाव जीतने के लिए राजनीतिक पहचान के अलावा राजनीतिक स्थिरता और सहानुभूति की जरूरत होती है, जिस पर लोग भरोसा कर सकें और जिससे जुड़ सकें। आप के पास इस समय दोनों चीजें ही नहीं हैं और न ही कुछ हफ्तों में वे इसे पा सकते हैं। असलियत यह है कि अगर वे इसी तरह से चलते रहे तो कभी अपनी खोई जमीन हासिल नहीं कर पाएंगे। अरविंद केजरीवाल के ड्रामे से भी आप को कोई मदद नहीं मिल रही। कम से कम पंजाब में तो नहीं।