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भाजपा के विजय संकल्प सम्मेलन में मलिक-जोशी समर्थक भिड़े, हाथापाई की आई नौबत

Wed, 27 Mar 2019 01:32 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
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भाजपा की विजय संकल्प रैली में दोनों गुट आमने-सामने - फोटो : अमर उजाला
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लोकसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को लामबंद करने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक द्वारा बुलाए गए ‘विजय संकल्प सम्मेलन’ में भाजपाइयों के बीच की गुटबंदी मंच तक पहुंच गई। श्वेत मलिक व अनिल जोशी के बीच उत्तरी विधान सभा क्षेत्र में अपने-अपने वर्चस्व को बचाए रखने के लिए बीते दो वर्षों से छिड़ी जंग बहसबाजी और हाथपाई की नौबत तक पहुंच गई। विजय संकल्प सम्मेलन में पहुंचे वरिष्ठ नेताओं ने जोशी व मलिक समर्थकों को एक दूसरे के साथ गुत्थम-गुत्था होने से रोक दिया।

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पंजाब भाजपा प्रधान श्वेत मालिक ने मंगलवार शाम को जीटी रोड स्थित कुंवर पैलेस में पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई थी। बैठक में प्रदेश प्रभारी व हरियाणा के वित्त मंत्री अभिमन्यु द्वारा कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनाव जीतने का पाठ पढ़ाना था। बैठक में शामिल होने के लिए अनिल जोशी अपने दल-बल के साथ नारे लगते हुए सम्मेलन स्थल पर पहुंचे।

 उनके साथ आए कार्यकर्ता मोदी-मोदी व अनिल जोशी के समर्थन में नारे लगा रहे थे। कार्यकर्ताओं का इससे नाराज जिला अध्यक्ष आनंद शर्मा ने मंच से घोषणा कर दी कि सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मचारी जोशी व उनके समर्थकों को हॉल से बाहर निकाल दें। इसके बाद पुलिस ने जोशी समर्थकों को मंच की तरफ जाने से रोक दिया। इसे लेकर जोशी समर्थकों का गुस्सा फुट पड़ा। 

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समर्थकों के बीच हुई नारेबाजी - फोटो : अमर उजाला
जोशी समर्थक युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष मानक तनेजा ने आनंद शर्मा से कहा कि तुम कैसे प्रधान हो जो पुलिस से कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए कह रहा है। जोशी ने भी आनंद शर्मा के व्यवहार पर गुस्सा जताया। दोनों के बीच वाक युद्ध शुरू हो गया। इसी बीच मलिक समर्थक युवा मोर्चा के अध्यक्ष गौतम अरोड़ा व कभी जॉजी समर्थक शंटी ने जोशी विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए। 

दोनों नेताओं के समर्थकों में तल्खी इतनी बढ़ गई कि उनके बीच हाथापाई की नौबत आ गई। इससे पहले कि दोनों गुट गुत्थम-गुत्था होते, वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने उनको छुड़ा दिया। आनंद शर्मा ने जोशी को स्टेज पर चढ़ने से रोकने की पहले से ही योजना बना रखी थी। इस योजना पर अमल के लिए गौतम अरोड़ा व उनके साथियों को जिम्मेदारी दे रखी थी। जैसे ही जोशी सभा स्थल पर आए, अरोड़ा ने मालिक के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी।

इतने में वहां मलिक व अभिमन्यु पहुंच गए। किसी भाजपा नेता ने जोशी को मंच पर बैठने के लिए नहीं कहा। जोशी कार्यकर्ताओं के बीच बैठे रहे। अभिमन्यु ने जोशी को अपना मित्र कहा तो उनके समर्थक फिर नारेबाजी करने लगे। जोशी ने समर्थकों से केवल मोदी के समर्थन में नारेबाजी करने के लिए कहा। 
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