पंजाब के बाद अब हरियाणा के सिरसा जिले के तीन गांवों में भी खड़ी किसानों की हरी-भरी फसलों पर टिड्डी दल ने हमला कर दिया है। जिले के पंजाब के साथ लगते फूलो, चड्ढा और पन्नीवाला मोरीका गांव में टिड्डियां प्रवेश कर चुकी हैं और फसलों पर मंडरा रही हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग टिड्डियों की दस्तक से सतर्क हो गया है।
कृषि विभाग के निदेशक ने निदेशक रिसर्च व निदेशक एक्सटेंशन हिसार कृषि विश्वविद्यालय से तकनीकी मदद मांगी है। कृषि निदेशक की ओर से लिखे पत्र में कहा गया है कि टिड्डी दल पंजाब व राजस्थान में प्रवेश कर चुका है और हरियाणा की तरफ बढ़ रहा है। सिरसा जिले के तीन गांवों में टिड्डियां प्रवेश कर चुकी हैं। ये दूसरे जिलों में भी अपना कहर बरपा सकती हैं।
इसलिए टिड्डी दल पर काबू पाने के लिए तकनीकी दिशानिर्देश जारी करें। यूनिवर्सिटी के अलावा कृषि विज्ञान केंद्र सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी का तकनीकी स्टाफ संबंधित जिलों के कृषि उपनिदेशकों के साथ टिड्डी दल के हमले की कड़ी निगरानी करने के लिए समन्वय स्थापित करें।
नियंत्रण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
कृषि विभाग ने सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी के डीसी को टिड्डियों पर नियंत्रण के लिए जिले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इन जिलों के कृषि उपनिदेशक टिड्डी दल केहमले संबंधी अपडेट से डीसी व मुख्यालय को पल-पल की रिपोर्ट देंगे। जिसमें विभाग की तैयारियों व कीटनाशकों के भंडारण के बारे में बताना जरूरी होगा।
अगर इन जिलों में भी टिड्डी दल का हमला फसलों पर तेज होता है तो डीसी जिले में स्टॉक किए गए कीटनाशकों प्रयोग में लाएंगे। डीसी ये सुनिश्चित करेंगे कि किसानों को कीटनाशक सौ प्रतिशत सब्सिडी रेट पर मिलें। इसके लिए एक अधिकारी की डयूटी लगाई जाए जो यह प्रमाण पत्र भी दे कि कीटनाशकों का प्रयोग टिड्डियों पर हुआ है।
संख्या बल कम पड़ने पर डीसी संबंधित जिले के अपने समकक्ष से अतिरिक्त स्टाफ ले सकते हैं। इसके साथ ही अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी कीटनाशक वितरण इत्यादि में लगाया जा सकता है। पन्नीवाला रूलदू गांव के किसान भूपेंद्र सिंह सराह ने बताया कि टिड्डियां आसमान में मंडरा रही हैं। अभी स्थिति नियंत्रण में है। अगर ज्यादा टिड्डियां आईं तो फसल को भारी नुकसान हो सकता है। कृषि विभाग के अधिकारी प्रभावित गांवों का दौरा कर रहे हैं।
क्लोरोपायरीफॉस दवा का स्टॉक मंगवाया
कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि टिड्डी दल के प्रवेश को लेकर सरकार पहले से सतर्क है। टिड्डियों पर नियंत्रण के लिए सरकारी व गैर सरकारी एजेंसियों से क्लोरोपायरीफॉस 20 प्रतिशत व 50 प्रतिशत का स्टॉक मंगवाया जा चुका है।
कृषि विभाग के अधिकारियों के परमिट जारी करने पर इसे किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। प्रति हेक्टेयर पांच सौ रुपये की दर से ये कीटनाशक दिए जाएंगे, जिस पर पचास प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। कीटनाशक मंगवाने का खर्च एजेंसियों को सरकार देगी।
निदेशक कृषि की अध्यक्षता में रिस्पांस टीम गठित
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि टिड्डी दल पर नियंत्रण की निगरानी के लिए कृषि विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में मुख्यालय की रिस्पांस टीम गठित की गई है। इसमें अतिरिक्त कृषि निदेशक, संयुक्त निदेशक, उप निदेशक, सहायक प्लांट प्रोटेक्शन ऑफिसर वन व टू को शामिल किया गया है।
जिन जिलों में टिड्डी दल के हमले का खतरा है, वहां पर कृषि विभाग ने प्रगतिशील किसानों को साथ जोड़कर व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें पूरी अपडेट दिया जाएगा।