वे दिशा-निर्देश एक अक्तूबर से लागू हुए थे, जो अब 30 नवंबर तक चलेंगे। इन दिशा-निर्देशों में स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को खोले जाने की अनुमति केंद्र सरकार की ओर से दी गई है। स्कूलों की ओर से ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन जारी रहेगा और कोई भी स्कूल छात्रों को स्कूल आने के लिए दबाव नहीं बना सकता।
सरकारी स्कूलों में अब अक्तूबर से देनी होगी 9वीं-10वीं के छात्रों को फीस
शिक्षा विभाग ने बुधवार को सभी सरकारी स्कूलों को निर्देश दिए कि अक्तूबर से 9वीं-10वीं कक्षा की मासिक/वार्षिक फीस लेना शुरू करें। कोविड-19 को देखते हुए शिक्षा निदेशक रुबिंदर जीत सिंह बराड़ की तरफ से 3 जुलाई को इन विद्यार्थियों की छह माह तक की फीस माफ करने के निर्देश दिए थे। उस दौरान कोरोना के कारण कई अभिभावकों की नौकरी चली गई थी, इसे देखते हुए विभाग ने यह फैसला दिया था।
शिक्षा निदेशक रुबिंदर जीत सिंह बराड़ ने बताया कि अप्रैल-सितंबर तक की 24,500 छात्रों की छह माह की मासिक फीस और वार्षिक एडमिशन फीस माफ की थी। अब अक्तूबर से स्कूल विद्यार्थियों से पुराने शेड्यूल के अनुसार ही फीस लेंगे।
बता दें फीस माफी से शिक्षा विभाग को 1.70 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ झेलना पड़ा था। वहीं सरकारी स्कूलों में नर्सरी से लेकर आठवीं तक पहले ही किसी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाता। इसके अलावा स्टूडेंट्स को किताबें और मिड-डे मील के तहत भोजन भी करवाया जाता है।
सरकारी स्कूल में 9वीं और 10वीं की फीस डिटेल
- वार्षिक एडमिशन फीस
- जनरल कैटेगरी लड़का - 120 रुपये और लड़की - 105 रुपये
- एसटी कैटेगरी (लड़का-लड़की) - 54.50 रुपये
- मासिक फीस जनरल कैटेगरी - लड़का - 56 रुपये, लड़की - 41 रुपये
- एसटी कैटेगरी (लड़का-लड़की) - 20.50 रुपये