आर्मी के वो जवान जो लॉकडाउन से पहले अपने घरों में ही छुट्टी की वजह से रुके हुए थे। उन्हें अब लौटने के आदेश दिए गए हैं। वे जवान जिनका घर अपने स्टेशन हेड क्वार्टर से 500 किलोमीटर के दायरे में है, वे निजी वाहन या टैक्सी के जरिये अपनी यूनिटों में पहुंचेंगे, लेकिन उन्हें 14 दिन क्वारंटीन में रहना पड़ेगा। उधर, वे जवान जिनका घर 500 किलोमीटर से दूर है। उन्हें अपने नजदीकी स्टेशन हेड क्वार्टर में रिपोर्ट करने को कहा गया है।
इन आदेशों के बाद 500 किलोमीटर के दायरे वाले सैन्य जवानों ने अपने स्टेशन हेडक्वार्टर में लौटना शुरू कर दिया है। उनकी यूनिटों में उन्हें क्वारंटीन करने के लिए अलग से विशेष कमरों की व्यवस्था की जा रही है। अलग कमरे में इन जवानों को अकेले ही 14 दिन तक रहना पड़ेगा। अपनी यूनिटों में जाने से पहले इन जवानों की पूरी तरह से स्क्रीनिंग करवाई जाएगी। ताकि सैन्य परिसर पूरी तरह संक्रमण मुक्त रहे।
बताते चलें कि पैरामिलिट्री फोर्स व नेवी में भी कोरोना संक्रमण का फैलाव हो चुका है। काफी संख्या में जवान संक्रमित भी हुए हैं। जिसे लेकर आर्मी और एयरफोर्स भी पूरी तरह से अलर्ट है। इसीलिए सेना में ये व्यवस्था की गई हैं। सैन्य सूत्रों ने बताया कि पांच सौ किलोमीटर से ज्यादा दूर शहर अपने घर छुट्टी पर गए जवान नजदीकी स्टेशन हेडक्वार्टर में रिपोर्ट करेंगे। संबंधित स्टेशन हेडक्वार्टर यदि चाहेगा तो उन जवानों को रोजाना यूनिट में आने की अनुमति देगा।
यदि नहीं तो फिर ज्वाइनिंग देने के बाद अगले आदेशों तक जवान वहीं अपने घरों में ही रहेंगे। उधर, जवानों के यूनिटों में वापस लौटने के बाद उनकी बैरकों में जवानों की संख्या और कम रहेगी। अमूमन एक बैरक में 20 जवानों के रुकने की व्यवस्था रहती है। लेकिन अब उस बैरक में 7 से 8 जवान ही रह रहे हैं। इसी तरह स्टेशन हेडक्वार्टर में मौजूद सेना कार्यालयों में भी सिर्फ जरूरी स्टाफ ही मौजूद रहेगा।