लॉकडाउन और कोरोना कर्फ्यू के दौरान लोग घरों में हैं। रोजमर्रा के लिए कई लोगों के पास खर्च करने के लिए पैसे भी नहीं हैं। ऐसे में इंडिया पोस्ट ने एक पहल की है। अब बिना किसी बैंक गए ही आपके घर पर पैसे पहुंच जाएंगे। चंडीगढ़ के विभिन्न भागों में अब तक 837 ट्रांजेक्शन के माध्यम से 16 लाख रुपये की निकासी लोगों के घरों तक पहुंचाई गई है।
लॉकडाउन के दौरान अब किसी भी बैंक का कस्टमर दस हजार रुपये तक की राशि एक बार में बिना बैंक या एटीएम गए नजदीकी डाकघर से संपर्क कर अपने घर पर ही प्राप्त कर सकता है। कस्टमर का यह बैंक अकाउंट आधार के साथ लिंक होना चाहिए। साथ ही कस्टमर के पास मोबाइल होना चाहिए। कस्टमर के मोबाइल नंबर पर ही ओटीपी आएगा।
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन द्वारा यह राशि पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) कर्मचारी दे सकते हैं। चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश में 52 डाकघर हैं जो यह काम कर रहे हैं। 112 पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवक हैं। ये सभी मोबाइल डिवाइस से लैस हैं। यदि आपको पैसे की जरूरत है तो नजदीकी डाक घर में कॉल कर अपनी जरूरत बतानी है या अपने एरिया के पोस्टमैन को बताना होगा। इसके अलावा डाकघर जाकर भी इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
लॉकडाउन और कर्फ्यू के कारण शहर के लोगों को आर्थिक तंगी से न गुजरना पड़े इसके लिए डाक विभाग ने पहल की है। सभी 112 पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवकों को मोबाइल हैंड सेट दिया गया है। अब किसी भी बैंक का ग्राहक हमारे पोस्टमैन से राशि निकलवा सकता है। अब तक 16 लाख रुपये से भी अधिक की राशि लोगों तक चंडीगढ़ में पहुंचाई गई है।
- मनोज कुमार, सीनियर सुपरिंटेंडेंट, इंडिया पोस्ट चंडीगढ़ डिविजन