स्थानीय निकाय विभाग ने बिजली खपत पर दो फीसदी म्यूनिसिपल टैक्स लगाया है। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। बढ़ा हुआ टैक्स एक नवंबर 2017 से लागू होगा। जानकारी के मुताबिक पहले बिजली की खपत पर 10 पैसे प्रति यूनिट चुंगी लगती थी। इससे निकायों को आय होती थी। लेकिन एक जुलाई से देश भर में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स लागू हो गया। इसके कारण चुंगी खुद-ब-खुद खत्म हो गई।
चुंगी खत्म होने से नगर निगमों, काउंसिलों, नगर पंचायतों की आय का बड़ा स्रोत बंद हो गया था। अब तक केंद्र सरकार ने वैट की जगह जीएसटी का हिस्सा भी जारी नहीं किया है। इस कारण निकायों के लिए गंभीर आर्थिक समस्या खड़ी हो गई थी। बड़े निगमों तक के पास वेतन देने का भी संकट हो गया था। इसके बाद स्थानीय निकाय विभाग ने बिजली की खपत पर दो प्रतिशत म्यूनिसिपल टैक्स लगाने का फैसला किया है। जीएसटी के तहत ही स्थानीय निकायों के लिए यह प्रावधान रखा गया है कि वे अपने स्तर पर कुछ टैक्स लगा सकते हैं। इसी के मद्देनजर स्थानीय निकाय विभाग ने बिजली खपत पर दो फीसदी म्यूनिसिपल टैक्स लागू किया है।
अभी स्थानीय निकाय विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि एक जुलाई से 31 अक्तूबर तक का टैक्स लोगों से वसूला जाएगा या नहीं। निकाय विभाग ने सभी नगर निगमों, काउंसिलों और नगर पंचायतों को बिजली के इस्तेमाल व बिक्री पर दो फीसदी म्यूनिसिपल टैक्स लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यह टैक्स घरेलू, कामर्शियल और इंडस्ट्रियल, सभी तरह की बिजली खपत पर लागू होगा।