चंडीगढ़। 8 और 9 मार्च को होने वाली ईएनटी सर्जिकल कॉन्क्लेव को लेकर वीरवार को प्रेस क्लब में एक कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें पीजीआई के पूर्व ईएनटी माहिर और निजी अस्पताल के डॉक्टर अशोक गुप्ता ने बताया कि इस कांफ्रेंस में 200 प्रतिनिधि भाग लेंगे। इनमें जूनियर, सीनियर के अलावा प्रतिष्ठित कान, नाक और गले के माहिर भाग लेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कान, नाक और गले की बीमारियों में नवीनतम प्रगति और सिर गर्दन के कैंसर में रोबोटिक सर्जरी के उपयोग पर बातचीत की जाएगी। इसमें फंगल इन्फेक्शन आदि पर भी बात होगी। उन्होंने कहा कि आजकल इयरफोन में म्यूजिक सुनने का काफी पर चलन है जोकि कानों के लिए खतरनाक है। 24 घंटे तक 70 डेसिबल के ऊपर की आवाज कानों को नुकसान पहुंचा सकती है। 90 डेसिबल क्रॉस करने पर सुनने की क्षमता जा सकती है और 100 से ऊपर सुनने पर इसकी रिकवरी भी होना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि हियरिंग लॉस जेनेटिक और नॉन जेनेटिक दोनों प्रकार से हो सकता है। यदि गर्भावस्था में मां ड्रग या अल्कोहल की आदी है तो इससे जन्मजात बच्चे की हियरिंग लॉस हो सकती है। आजकल 6 महीने की उम्र में कोक्लियर इंप्लांट हो जाता है जिसे सुनने की क्षमता में सुधार किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में डॉ. अनुराग्नि गुप्ता, डॉ. नेहा शर्मा, ऋषभ कुमार, डॉ. जेएम हंस, डॉ. केआर मेघनाथ, डॉ. रजनीगंधा, डॉ. मोहनीश ग्रोवर, डॉ. गौरव गुप्ता इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।