-राज्य में 29 फरवरी के बाद प्लास्टिक की बोतल को प्रतिबंध किया था
-मुख्यमंत्री बोले, शिकायतों और कारोबारियों के सुझावों के चलते लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में 29 फरवरी से कांच की बोतलों में शराब भरने के फैसले को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बदल दिया है। वर्तमान आबकारी नीति की अवधि तक डिस्टलरी प्लास्टिक और कांच दोनों बोतलों में शराब भर सकेंगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह घोषणा सदन में की।
सरकार ने फैसला लिया था कि 29 फरवरी के बाद शराब सिर्फ कांच की बोतलों में ही बेची जा सकेगी। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाए थे कि कुछ लोग कांच की बोतलें बनाने वाली कंपनियों के लिए काम कर रहे हैं और इससे माफिया को लाभ मिलेगा। अभय ने आरोप लगाया था एक महिला खुद को विभागीय मंत्री की बुआ बताती हुई लॉबिंग कर रही है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और अभय चौटाला में माफिया को शरण देने को लेकर तीखी बहस भी हुई थी।
अभय का आरोप था कि प्लास्टिक की बोतलों का फैसला माफिया को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, उस समय डिप्टी सीएम ने कहा था कि गड़बड़ी रोकने के लिए ही ऐसा किया जा रहा है और 29 फरवरी के बाद हरियाणा में प्लास्टिक की बोलत में शराब नहीं बिक सकेगी। बुधवार को मुख्यमंंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कुछ शिकायतों और सुझावों के बाद सरकार इस फैसले को बदल रही है। अब डिस्टलरीज के पास दोनों विकल्प होंगे।
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प्राॅपर्टी आईडी प्रोजेक्ट के लिए केंद्र ने दिए 150 करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से चलाई जा रही प्रॉपर्टी आईडी की व्यवस्था की केंद्र सरकार ने सराहना की है और इस व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 150 करोड़ रुपये की ग्रांट दी है।
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सड़कों के बीच आनेे वाले खंभों को अपने खर्च पर हटाएगा बिजली निगम
मनोहर लाल ने घोषणा करते हुए कहा कि सड़कों का चौड़ीकरण करते समय बीच में आने वाले बिजली के खंभों को अब ट्रांसमिशन कंपनियां स्वयं अपने खर्च पर हटाएंगी। पहले संबंधित विभाग को बिजली के खंभे हटाने के लिए नोटिस दिया जाता था। साथ ही संंबंधित पंचायत या विभाग को बिजली निगमों के पास खंभा शिफ्ट करने का खर्च जमा कराना पड़ता था, लेकिन अब सरकार ने इससे छूट दे दी है। खासकर पंचायतों में इसका अधिक लाभ होगा।