चंडीगढ़। सेक्टर -11 स्थित प्राइवेट लैब में कोरोना का टेस्ट करवाने के लिए सोमवार को वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। हालांकि इससे पहले इतनी भीड़ नहीं देखी गई। इसकी दो वजहें हैं। पहली, चंडीगढ़ प्रशासन ने दो दिन पहले निर्देश जारी किए थे कि यदि किसी को कोरोना का टेस्ट करवाना है तो वह प्राइवेट लैब में डाक्टर की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) के बिना जांच करवा सकता है। इस आदेश से पहले डाक्टर का प्रिस्क्रिप्शन जरूरी था। लेकिन डाक्टर लिखते नहीं थे, क्योंकि आईसीएमआर की गाइडलाइंस के मुताबिक टेस्ट उन्हीं का होगा, जिसके लक्षण हो या फिर वह व्यक्ति कोरोना मरीज के संपर्क में आया हो। चंडीगढ़ प्रशासन के नए आदेश से सभी तरह की रुकावटें हट गईं हैं। अब कोई जाकर टेस्ट करवा सकता है। शहर के कई लोगों में दहशत है कि कहीं वे तो कोरोना पॉजिटिव नहीं है। इसलिए कई लोग अपनी संतुष्टि के लिए भी टेस्ट करवा रहे हैं। दूसरी वजह यह है कि हिमाचल सरकार ने सैलानियों के लिए दरवाजे खोल दिए हैं लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि सिर्फ वही सैलानी प्रवेश कर सकते हैं, जिनके पास कोरोना की 72 घंटे पहले की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट होगी। इसके साथ ही जम्मू ने भी फैसला लिया है कि बिना कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट की किसी की एंट्री नहीं होगी। इन कारणों की वजह से प्राइवेट लैब में लोगों की लाइन लग गईं। टेस्ट का खर्च दो हजार रुपये है।