चंडीगढ़। राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच की ओर से ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान ट्राइसिटी के लगभग 20 कवि/कवयत्रियों ने भाग लिया। गोष्ठी में अध्यक्ष के रूप में राष्ट्रीय महासचिव हरेंद्र सिन्हा, मुख्य अतिथि बालकृष्ण गुप्ता तथा विशिष्ट अतिथि के रुप में प्रेम विज उपस्थित रहे। मंच का संचालन संगीता शर्मा कुंदरा ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत राशि श्रीवास्तव की सरस्वती वन्दना से हुई। विशिष्ट अतिथि प्रेम विज ने कहा कि कविता एक झरने की भांति होती है। इसका उदगम स्थान दिल है, दिमाग नहीं। कविता के लिए हमें दर्दे दिल पैदा करना पड़ता है। इस मौके पर मुरारी लाल अरोड़ा, नीरु मित्तल नीर, दर्शना सुभाष पाहवा, चन्द्रकला जैन, सुनीता गर्ग, राशि श्रीवास्तव, डॉ अनीश गर्ग, प्रज्ञा शारदा, प्रभोजोत कौर, आभा साहनी, सोमेश, सागर सिंह भूरिया, संगीता शर्मा कुन्दरा, प्रेम विज, बाल कृष्ण गुप्ता और हरेनदर सिन्हा ने अपनी अपनी कविताओं और गजलों से महफिल सजाई।