चंडीगढ़। जिला अदालत ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में मदद का झांसा देकर शिमला की एक युवती के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने महिला की आबरू भंग करने, आपराधिक बल का प्रयोग और हमला करने, दुष्कर्म व धमकाने की धाराओं में आरोपी को दोषी पाते हुए 1.01 लाख रुपये जुर्माने व उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मोहाली निवासी हरीश धुली के खिलाफ सेक्टर-36 थाने में जनवरी, 2021 में केस दर्ज किया गया था। केस में शिकायतकर्ता शिमला की एक पोस्ट ग्रेजुएट लड़की थी। वह लाइसेंस बनवाना चाहती थी। इसके चलते उसकी फ्रेंड ने उसे आरोपी से संपर्क करने को कहा था। आरोपी उसे सुबह मोटरसाइकिल पर बैठाकर लाइसेंस के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों का बहाना बना बलौंगी स्थित एक घर में ले गया, जहां उसे धमकाते हुए दुष्कर्म किया। उसने रास्ते में उसे गलत ढंग से छुआ भी था। वारदात के बाद वह पीड़िता को धमकाते हुए सेक्टर-43 बस स्टैंड छोड़ फरार हो गया था। जहां उसने यह भी कहा था कि वह उसका लाइसेंस बनवा देगा। इस घटना के बाद पीड़िता ने संबंधित थाना पुलिस को पूरी घटना की शिकायत दी। उसकी शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर हरीश धुली को गिरफ्तार कर लिया था जिसके बाद अदालत में उसके खिलाफ मुकदमा चला था।