चंडीगढ़। जिला अदालत ने चार साल पहले अपने ही बच्चे की हत्या करने वाली मां को शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। साल 2020 में चंडीगढ़ के सेक्टर-45 स्थित गांव बुड़ैल में यह दर्दनाक हत्या की गई थी। कलियुगी मां ने पहले अपने मासूम बच्चे का गला दबाया और फिर बेड के अंदर बंद कर दिया। बच्चे का दम घुटने से मौत हो गई थी। सरकारी वकील ने दोषी महिला के खिलाफ अदालत में दलील दी कि एक मां जिसने अपने बच्चे को जो ठीक से बोल नहीं सकता था, उसे दर्दनाक मौत दी। उसके ऐसे कृत्य से मां और बच्चे का रिश्ता कलंकित हुआ है। दोषी रहम की हकदार नहीं है इसलिए उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि समाज में ऐसे अपराध कभी भी न हों।
बच्चे की हत्या कर फरार हो गई थी मां
दोषी महिला की पहचान रूपा वर्मा (29) के रूप में हुई है, जबकि ढाई साल के मृतक बच्चे का नाम दिव्यांशु वर्मा था। यह परिवार बिहार का रहने वाला है। जनवरी 2020 में महिला अपने ढाई साल के बच्चे को मारने के बाद फरार हो गई थी। रविवार को उसके पति दशरथ ने अपनी पत्नी और बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट सेक्टर-45 में दी थी। इसी दौरान पति को एक अनजान नंबर से फोन आया था। यह फोन उसकी पत्नी ने किया था। पत्नी ने पति को बताया कि दिव्यांशु बेड के बॉक्स में बंद है। यह सुनते ही उसके होश उड़ गए और उसने जैसे ही बॉक्स खोला तो बच्चा बेसुध था। वह उसे तुरंत सेक्टर-32 के अस्पताल लेकर गया, जहां बच्चे को मृत घोषित कर दे दिया गया।
पति का आरोप, पूरे परिवार को खत्म करना चाहती थी पत्नी
दशरथ वर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वर्ष 2016 में उसकी रूपा से शादी हुई थी। 2017 में बेटे दिव्यांशु का जन्म हुआ था। 2019 में बेटी कोमल पैदा हुई थी। दशरथ का आरोप था कि शुरुआत से ही पत्नी के साथ विवाद रहता था क्योंकि पत्नी घर का काम नहीं करती थी। उसने यह भी आरोप लगाया था कि वह मेरे पूरे परिवार को खत्म करना चाहती थी और पिछले साल दिसंबर में उसने परिवार के सभी लोगों को खत्म करने की कोशिश भी की थी। पति की शिकायत के बाद दोषी रूपा को पुलिस ने दूसरे शहर से उसे गिरफ्तार किया था। रूपा से पूछताछ में उसने बच्चे की हत्या की बात कबूल की थी।