सी पाईट के पूर्व महा निदेशक के वित्तीय घोटाले को उजागर कर रिकवरी करवाने वाले ले. कर्नल(रि.) एनडीएस बैंस ने अब इंसाफ के लिए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। याची ने कहा कि वह फौज में सेवा दे चुका हैं और ऐसे में भ्रष्टाचार नहीं देख सकता। भ्रष्टाचार का विरोध करने पर ही उसका तबादला किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने फिलहाल याची के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने के आदेश दिए हैं।
याची ने एडवोकेट डीडी सिंगला व दीपक गौतम के माध्यम से बताया कि वह 2016 में सेंटर ऑफ ट्रेनिंग एंड एम्प्लॉयमेंट टू पंजाब यूथ में डिप्टी डायरेक्टर ट्रेनिंग एंड अकाउंट्स नियुक्त किए गए थे। तब से ही अपना काम ईमानदारी से कर रहे थे। इसी बीच सी पाईट के तत्कालीन महानिदेशक के वेतन से जुड़े घपले को उन्होंने उजागर किया था। सरकार के पास जब उन्होंने इससे जुड़े दस्तावेज भेजे तो सरकार ने पूर्व महानिदेशक को रिकवरी के लिए नोटिस जारी कर दिया।
इसी बीच बैंस का तबादला 6 मार्च 2018 को तलवाड़ा कर दिया गया। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई तो कोर्ट ने उनके तबादले पर रोक लगा दी। इसके बाद महानिदेशक बदले तो आदेश समाप्त हो गए। फिर वर्तमान महानिदेशक ने पद संभाला और किसी पत्र का हवाला देते हुए दोगुने वेतन की मांग की। याची के डायरेक्टर ट्रेनिंग और अकाउंट्स होने के चलते उन्होंने इस बारे में वित्त विभाग से राय मांगी। पत्र लिख याची ने पूछा कि नियम केअनुसार वेतन जारी किया जाए या किसी पत्र के अनुसार।
इस बात से वर्तमान महानिदेशक उनसे नाराज हो गए और उनका तबादला करवा दिया। अब इस तबादला आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। सुनवाई के दौरान महानिदेशक कोर्ट में मौजूद रहे और उन्होंने बताया कि याची की यह आपत्ति की तलवाड़ा से कलझारानी कैंप की दूरी 300 किलोमीटर से अधिक है, ऐसे में उन्होंने कलझारानी की अतिरिक्त जिम्मदारी को तबादला आदेश से हटा दिया है। हाईकोर्ट ने इस पर असंतुष्टि जताते हुए नए आदेश हाईकोर्ट में सौंपने के आदेश दिए हैं।