सैन्य पुलिस ने सेना में तैनात एक कर्नल को अपने जूनियर लेफ्टिनेंट कर्नल के घर आधी रात को उसकी गैर मौजूदगी में संदिग्ध हालत में पकड़ा। हिरासत में लेने के बाद कर्नल का मिलिट्री अस्पताल में मेडिकल भी करवाया गया। सैन्य अथॉरिटी ने इसे काफी गंभीरता से लेते हुए मामले की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए हैं।
सैन्य सूत्रों के अनुसार बठिंडा जोन में तैनात एक कर्नल रैंक का अफसर आधी रात को संदिग्ध हालत में अपने जूनियर अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल के घर घुस गया। सूचना मिलने पर सैन्य पुलिस बठिंडा स्थित लेफ्टिनेंट कर्नल के घर 27 अक्तूबर की सुबह करीब तीन बजे पहुंची और कर्नल को वहां से संदिग्ध हालत में हिरासत में लिया। सूत्रों के अनुसार जिस वक्त यह घटना हुई उस वक्त लेफ्टिनेंट कर्नल किसी काम से चंडीगढ़ आया हुआ था।
अफसरों की जांच कमेटी गठित
अपने जूनियर अफसर के घर सीनियर आर्मी अफसर का आधी रात को संदिग्ध रूप से मिलने की घटना को सैन्य अथॉरिटी ने काफी गंभीरता से ले रही है। इस कारण कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश देते हुए अफसरों की जांच कमेटी गठित कर दी गई है। इस जांच कमेटी के अध्यक्ष ब्रिगेडियर रैंक के एक अफसर नियुक्त किए गए हैं। उनके साथ जांच टीम में दो कर्नल रैंक के अफसर और एक लेडी अफसर भी रहेंगी। घटना की जांच के दौरान यदि मौके पर कोई महिला विटनेस मिलती है तो जांच टीम में शामिल लेडी अफसर उसका बयान दर्ज करेंगी।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
जांच कमेटी इस घटना को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर जांच करेगी। पकड़े गए कर्नल से पूछा जाएगा कि वह आधी रात को अपने जूनियर अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल के घर क्या करने गया था? लेफ्टिनेंट कर्नल की गैर मौजूदगी में वह उसके घर में क्यों दाखिल हुआ। इसके पीछे उनकी मंशा क्या थी? विस्तृत जांच के बाद जांच कमेटी तथ्यों और सुबूतों के आधार पर निष्कर्ष और राय प्रस्तुत करेगी। जांच रिपोर्ट संबंधित एरिया हेडक्वार्टर के आला अफसरों के समक्ष पेश की जाएगी।