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रफ्तार पर लगेगी लगाम: चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस लाई लीडार गन, रात को दूर से कर लेगी वाहन की रफ्तार को कैच

Mon, 09 Jun 2025 08:51 AM IST
निवेदिता वर्मा संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस पिछले दुर्घटना रिकॉर्ड के आधार पर लीडार गन का इस्तेमाल कर रही है। देर रात के समय तेज गति से वाहन चलाने की अधिक घटनाओं को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने लीडार गन मंगवाई हैं। 
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चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस की लीडार गन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस की लीडार गन रात को तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाएगी। लडार गन रात के अंधेरे में भी वाहनों की रफ्तार को पकड़ लेगी।
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ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि रात को तेजरफ्तार पर लगाम लगाने के लिए लीडार गन मंगवाई गई हैं। लीडार अंधेरे में भी चलती गाड़ियों की गति दूर से कैद कर लेगी। ट्रैफिक पुलिस रात को अलग अलग जगहों पर रात को लीडार गन लगाकर लोगों के चालान काट रही। इससे तेजरफ्तार पर काफी हद तक लगाम लगने की संभावना है। चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने लीडार गन (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) से 11 दिनों में 150 चालान जारी किए हैं।

तीन महीने में तेजरफ्तार ने तीन पुलिसकर्मियों की ली जान

शहर में रात को तेजरफ्तार वाहनों के चालान करने के लिए कुछ जगहों पर ओवरस्पीड डिटेक्शन सिस्टम लगाए हुए थे। जिसके बारे में लोगों को पता चल चुका था। इन जगहों पर आकर वाहन चालक वाहन को धीरे कर लेते थे। जबकि बाद में तेजरफ्तार से वाहनों को दौड़ाते थे। शहर में तेजरफ्तार को लेकर कई बड़े हादसे हो चुके हैं। तीन महीने में तीन पुलिसकर्मियों की भी तेजरफ्तार के कारण सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके अलावा लगातार तेजरफ्तार से सड़क हादसे सामने आ रहे हैं। 

बता दें कि होली के दिन तड़के चंडीगढ़ जीरकपुर बैरियर पर तेजरफ्तार कार ने नाके पर वाहनों की चेकिंग कर रहे पुलिसकर्मियों को टक्कर मार दी थी, जिसमें दो पुलिसकर्मियों और वाहन चेक करवाने के लिए नाके पर रूके एक युवक की मौत हो गई थी। कुछ हफ्ते पहले सेक्टर 9 पुलिस मुख्याल के पीछे साइकिल सवार आनंद को बीएमडब्लयू कार ने टक्कर मार दी थी, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी।
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वर्तमान में ट्रैफिक पुलिस के पास 6 लीडार हैं। हालांकि दिन के समय स्पीड गन से चालान किए जा रहे हैं, लेकिन रात को स्पीड गन वाहनों की रफ्तार को कैच नहीं कर पाती थी। अमर उजाला ने इस संबंध में तेजरफ्तार को लेकर चलाई गई मुहीम में एक खबर प्रकाशित की थी, जिसमें लिखा था कि ट्रैफिक पुलिस के पास रात को तेजरफ्तार को लगाम लगाने के लिए उपकण नहीं हैं। जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने लीडार गन मंगवाई हैं।

रात को 150 की रफ्तार से शहर में दौड़ती हैं कारें

तेज रफ्तार के सबसे अधिक चालान फैदां बैरियर से सेक्टर-46/47-48/49 चौक की तरफ जाने वाले विकास मार्ग पर हुए हैं, जिसमें 144 से 150 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार ओवरस्पीड डिटेक्शन सिस्टम में कैद हो चुकी है। चंडीगढ़ की सड़कें रात को फार्मूला वन का ट्रैक बन जाती हैं। शहर में होने वाले सड़क हादसों की वजह में सबसे ज्यादा वाहनों की तेज रफ्तार है।

रेड लाइट जंप और तेज रफ्तार के चालान के आंकड़े

साल                              कुल चालान            रेड लाइट जंप      तेज रफ्तार
2022                              596795            183409             189688
2023                              990069             427892             207953
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2024                              991748             501289             147609

साल             कुल हादसे       घायल           मौत
2021           208             172             96
2022           237             203             83
2023           182             171             67
2024           169             133             75
 
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