हरियाणा में खुद की रक्षा और पशु पक्षियों से फसलों को बचाने के नाम पर लिए गए टोपीदार बंदूकों के लाइसेंस अब रद्द होंगे। साथ ही इन बंदूकों को भी जब्त किया जाएगा। इस संबंध में प्रदेश के गृह सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने प्रदेश के सभी जिलाधीशों को निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि पिछले कई सालों से प्रदेश में टोपीदार बंदूक से फसल रखवाली के नाम पर वन्यजीवों को मारने के मामले सामने आ रहे हैं।
इसके अलावा, इससे हादसों की भी आशंका रहती हैं। वहीं, अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कड़वासरा ने विभाग से रिपोर्ट मांगी थी कि शिकार के कितने मामलों में इस बंदूक का उपयोग हुआ है। साथ ही इन हथियारों पर प्रतिबंध की मांग की थी।
हरियाणा सरकार के पास रिपोर्ट पहुंची थी कि इस बंदूक का फसल रखवाली के नाम पर अवैध शिकार करने में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए गृह सचिव ने टोपीदार बंदूकों के लाइसेंस रद्द करने और हथियार जब्त करने का आदेश जारी किया है।