अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शून्यकाल के दौरान विधायकों ने सवाल उठाया कि सवाल पूछने में उनका नंबर नहीं आता। सिर्फ कुछ ही लोगों के सवाल पूछे जाते हैं। इस पर विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि शून्यकाल को तीन बजे तक बढ़ा दिया। इससे सभी विधायकों ने अपने-अपने सवाल पूछे। स्पीकर ने यह भी बताया कि पूरे देश में सिर्फ हरियाणा विधानसभा में यह व्यवस्था है कि एक विधायक एक महीने में तीन सवाल किसी भी विभाग से पूछ सकता है और विभाग की जिम्मेदारी है कि उसे सवाल का जवाब दिया जाए।
तारीख पर तारीख पर बहस
निर्दलीय विधायक राकेश दौलताबाद ने जिला अदालतों में जजों की कमी से संबंधित सवाल पूछा और कहा कि जजों की कमी से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। इस पर दुष्यंत चौटाला ने जवाब दिया कि उच्च न्यायालय में 246 और निचली अदालतों में सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीज़न) के 526 पद स्वीकृत हैं। हरियाणा सिविल सेवा (न्यायिक शाखा) 129 अधिकारियों की भर्ती का मामला सर्वोच्च न्यायालय के कारण लंबित है। इस पर दौलताबाद ने फिल्म दामिनी का डायलॉग बोलते कहा कि लोगों को कोर्ट में सिर्फ तारीख पर तारीख मिल रही है। इस पर दुष्यंत चौटाला ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई और कहा कि जो पद हैं, वह भरे गए हैं।