चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग ने हाल ही में विभाजित स्मृतियां: डिजिटल प्रौद्योगिकियों के माध्यम से वर्षगांठों का दस्तावेजीकरण विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया। इसमें ब्रिटेन के कोनएंट्री स्थित वारविक विश्वविद्यालय की प्रोफेसर पिप्पा विर्दी शामिल हुई। इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. जसबीर सिंह ने शोधकर्ता समिति और इतिहास समिति की ओर से की गई पहलों की जानकारी दीं। प्रोफेसर विर्दी ने भारत के विभाजन पर व्याख्यान दिया। इसमें उन्होंने हाशिए के दृष्टिकोण सहित विभिन्न ऐतिहासिक चीजों का विश्लेषण किया। इस कार्यक्रम में 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिनमें छात्र, शोधार्थी और संकाय सदस्य शामिल थे।