हाईकमान के बुलावे पर जरूर जाएंगे। यह पूछे जाने पर कैप्टन के साथ हैं या नवजोत सिद्धू के साथ धर्मसोत ने कहा कि वह कांग्रेस के साथ हैं। विधायक राजकुमार वेरका ने उक्त बैठक के बारे में पूरी साफगोई से कहा कि हाईकमान ने सिर्फ नाराज विधायकों को नहीं बल्कि सभी नेताओं को बुलाया है और सभी नेताओं के विचार सुने जाएंगे।
कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा जिन्होंने बेअदबी के मुद्दे पर कार्यवाही न होने के विरोध में मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया था, का लहजा सोमवार को बदला हुआ दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस में कोई धड़ेबंदी नहीं है और पार्टी पूरी तरह एकजुट है।
कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने भी कहा कि किसी तरह की धड़ेबंदी नहीं है। मामूली मनमुटाव है, जो दूर हो जाएंगे। विधायक राजकुमार चब्बेवाल ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हाईकमान ने सभी विधायकों से सुझाव लेने के लिए बैठक बुलाई है। इसके अलावा पार्टी के जो भी इतर मसले हैं, हाईकमान उसे भी जल्द से जल्द हल करेगी। विधायक गुरकीरत सिंह कोटली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह एकजुट हैं।
विधायक राजकुमार वेरका ने कहा कि जिस तरह की बयानबाजी हो रही है, उसी मसले को हल करने के लिए मीटिंग बुलाई गई है। उन्होंने आगे कहा कि हाईकमान जो भी फैसला लेगा, हम सभी उसका पालन करेंगे।
पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ ने बेअदबी के मुद्दे को लेकर पैदा हुए विवाद पर खुलकर कुछ न कहते हुए केवल यही कहा कि बेअदबी के मुद्दे पर तो अकाली दल भी दोफाड़ हो चुका है। वहां भी यह मांग चल रही है कि दोषियों को गिरफ्तार करके जेल में डालो। यही मांग कांग्रेस में भी चल रही है और सरकार इस मामले में तेजी से काम कर रही है।
संगत सिंह गिलजियां ने कहा कि बेअदबी वाले मामले में तो पार्टी को जरूर नुकसान हो सकता है। पार्टी को इस मामले में पीछे नहीं हटना चाहिए। बेअदबी मामले में साढ़े चार साल तक कोई कार्रवाई नहीं होने के लिए हमारी सरकार भी जिम्मेदार है और हम खुद भी जिम्मेदार है। लेकिन यह भी वादा है कि हम इस मामले को अंजाम तक ले जाकर ही दम लेंगे। विधायक गुरकीरत सिंह कोटली ने कहा कि आपस में वैचारिक मतभेद चलते रहते हैं, कोई बड़ी बात नहीं है।