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वित्तमंत्री के नाम से लगा शिलान्यास पत्थर हटाया

Sun, 24 Aug 2014 01:09 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, कुरुक्षेत्र
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पिहोवा। वित्तमंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा द्वारा मंजूर कराई गई छह धर्मशालाओं का निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इसका कारण धर्मशालाओं के निर्माण हेतु निशानदेही ना होना था।
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ब्रह्मजून रोड पर उस समय लोगों को आश्चर्य हुआ, जब लोगों को पता चला कि पांचाल समाज सुधार धर्मशाला के निर्माण स्थल पर लगा वित्तमंत्री के नाम का उद्घाटन पत्थर झूठा था।

क्योंकि मौके पर अभी तक वित्तमंत्री ने इस धर्मशाला के निर्माण के लिए उद्घाटन किया ही नहीं। नाम न छापने की शर्त पर लोगों ने बताया कि दो दिनों से पांचाल समाज की धर्मशाला का निर्माण चल रहा था।
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मौके पर पांचाल समाज सुधार सभा की तरफ से एक उद्घाटन पत्थर मौजूदा वित्तमंत्री तथा नगरपालिका अध्यक्ष शीला देवी व उसके पति के नाम से लगवाकर धर्मशाला का निर्माण कार्य शुरू करा दिया और इस पर 21 अगस्त 2014 की उद्घाटन तिथि भी अंकित है।

पत्थर में पांचाल समुदाय के अध्यक्ष लख्मी चंद पांचाल का नाम भी अंकित है। जब दूसरे समुदाय के लोगों को निर्माण कार्य बारे में पता चला तो उन्होंने सोचा कि वाकई वित्तमंत्री द्वारा उद्घाटन किया है।

वह भी उनकी धर्मशालाओं का निर्माण कराने के लिए मौके पर पहुंचे और उनकी धर्मशालाओं की निशानदेही कराई, जिसमें कुम्हार तथा शोरगिर समुदाय के लोगों के बीच मनमुटाव भी हुआ, क्योंकि मौके पर एक समुदाय के पास जगह कम थी।

जबकि दूसरे के पास जगह ज्यादा काबिज है। इसी बाबत अब भी दोनों समुदायों में तनाव बरकरार है। लेकिन लोग तब हैरान रह गए, जब उन्हें पता चला कि मौके पर शिलान्यास पत्थर झूठा है और वित्तमंत्री उस स्थान पर अभी तक आए ही नहीं और अधिकारी भी इस निर्माण से अनभिज्ञ हैं।

इसलिए उनके खिलाफ कोई भी कार्यवाही हो सकती है, उन्होंने आनन-फानन में शिलान्यास पत्थर उतरवा दिया और मौके से रफू चक्कर हो गए। मौके पर दो समुदायों में धर्मशाला की निशानदेही को लेकर तनाव बना हुआ है।

जब मौके पर खड़े दूसरे समुदाय के लोगों से बात की गई तो बताया कि पांचाल समुदाय की धर्मशाला का शिलान्यास होने बारे उन्हें पता चला था, वह भी उनकी धर्मशाला का निर्माण कराने के लिए मौके पर पहुंचे तो पाया कि वित्तमंत्री ने शिलान्यास ही नहीं किया। शोरगिर तथा कुम्हार समुदाय के लोगों का धर्मशाला की पैमाइश को लेकर तनाव था।

पत्थर उतरवा दिया गया है
जब इस बारे नगरपालिका अध्यक्षा शीला देवी के पति अशोक सिंगला से संपर्क किया गया, तो बताया कि शिलान्यास पत्थर बारे उन्हें कोई जानकारी नहीं है और जब उन्हें पता चला तो तुरंत पत्थर को उतरवा दिया गया।

हटा दिया गया है शिलान्यास पत्थर : सचिव
नगरपालिका सचिव निर्मल प्रकाश ने बताया कि शिलान्यास पत्थर व धर्मशाला निर्माण कार्य बारे मामला उनके संज्ञान में नहीं है। शिलान्यास पत्थर को हटा दिया गया और अधिकारियों के संज्ञान में मामला दे दिया गया है। आगामी जो आदेश होंगे कार्रवाई की जाएगी।

जांच के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई : एसडीएम
एसडीएम धर्मबीर सिंह ने कहा कि शिलान्यास पत्थर का मामला उनके संज्ञान में आया था और उन्हाेंने तुरंत शिलान्यास पत्थर को हटाने का आदेश दिया। इसकी इंक्वायरी कर जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ आगामी कार्यवाही की जाएगी।
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