मोहाली। फेज-7 में अतिक्रमण हटाओ मुहिम मंगलवार को तब एक बार फिर रुक गई जब विरोध में वकील सड़क पर उतर गए। टीम एक न्यायिक अधिकारी के आवास के बाहर कार्रवाई के लिए पहुंची थी। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में वकील मौके पर एकत्र हो गए। वकीलों ने कार्रवाई का विरोध कर टीम में मौजूद अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति दिखाई। आदेश में स्पष्ट किया गया था कि किसी भी आवास के बाहर अतिक्रमण हटाने से पहले नोटिस देना अनिवार्य है।
बिना नोटिस सीधे जेसीबी से तोड़फोड़ नहीं की जा सकती। इसके बाद कार्रवाई को रोक दिया गया और टीमें वापस चली गईं। निगम कमिश्नर परमिंदर पाल सिंह ने स्पष्ट किया कि जो कार्रवाई की जा रहे है वह कोर्ट के आदेशों पर की जा रही है। यह अभियान कानून के दायरे में रहकर ही जारी रहेगा और इसमें किसी प्रकार की मनमानी नहीं की जा रही है। इससे पहले सुबह शहर में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम और गमाडा की संयुक्त टीमों की कार्रवाई मंगलवार से एक बार फिर शुरू हो गई। सुबह करीब दस बजे टीम फेज-7 पहुंचीं और जेसीबी की मदद से घरों के बाहर बनाए गए अवैध अतिक्रमण को तोड़ना शुरू कर दिया।
कार्रवाई के दौरान कुछ मकान मालिकों ने विरोध भी किया, लेकिन टीम ने कार्रवाई जारी रखी। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार यह अभियान हाईकोर्ट के आदेशों के तहत चलाया जा रहा है। शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। फेज-7 में कई घरों के बाहर किए अवैध निर्माण जेसीबी से हटाए गए, इससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा।