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Chandigarh News: हरियाणा समेत 5 राज्यों बढ़ता लॉरेंस का गैंग... भटके युवाओं से बढ़ा रहा कुनबा

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चंडीगढ़।
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हरियाणा, पंजाब सहित करीब पांच राज्यों में लॉरेंस बिश्नोई का गैंग तेजी से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) रिपोर्ट के मुताबिक लॉरेंस के गिरोह में करीब 700 शूटर्स शामिल हैं। इसमें अकेले 300 पंजाब और करीब 200 अपराधी हरियाणा से ताल्लुक रखते हैं। दरअसल, लॉरेंस के इस बढ़ते गिरोह के पीछे चंडीगढ़ में छात्र जीवन में उसके दोस्त बने हरियाणा-पंजाब के युवा और अपराध की दुनिया में आने के बाद हरियाणा-पंजाब की जेलों में बंद युवाओं को लग्जरी लाइफ का सपना दिखाकर गैंग का हिस्सा बनाना रहा है। लॉरेंस और उसके गिरोह का खाकी वर्दी से भी खास कनेक्शन रहा है। लॉरेंस के पिता हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल थे। राज्य की राजधानी चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी लॉरेंस के अपराध की नर्सरी रही है।
2010 की बात है जब एक साफ-सुथरे, मध्यम कद के लॉरेंस बिश्नोई ने पंजाब के फिरोजपुर जिले के अबोहर से सीनियर स्कूल की परीक्षा पास करने के बाद चंडीगढ़ डीएवी-10 कॉलेज के परिसर में प्रवेश किया। हालांकि वह पंजाबी बोलता था, लेकिन उसकी बोली बागड़ी थीं, जिससे पता चलता था कि उसकी जड़ें पास के राजस्थान में थीं। डीएवी कॉलेज में उसकी मुलाकात गोल्डी बराड़ से हुई। लॉरेंस ने स्टूटेंड ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (सोपू) संगठन बनाकर छात्रसंघ का चुनाव लड़ा, लेकिन हार गया। इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी में कानून की पढ़ाई करने गया लॉरेंस छात्र राजनीति में काफी सक्रिय हो गया। यहां संपत नेहरा, गोल्डी के चचेरे भाई गुरलाल बराड़ (मृत), रोहतक निवासी हिमांशु उर्फ भाऊ, कपिल सांगवान, सोनीपत के अक्षय पलड़ा, हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा, हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर वीरेंद्र उर्फ काला राणा, रेशम गोदारा, पंजाब के दिलप्रीत बाबा जैसे अपराधी प्रवृति के छात्रों से लॉरेंस की नजदीकियां बढ़ गईं। इनमें रिंदा आतंकवादी और अन्य सभी हरियाणा-पंजाब के नामी गैंगस्टर बन गए।
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हरियाणा की जेल, सक्रिय गैंग और भटके युवाओं को लग्जरी लाइफ का सपना

छात्र जीवन से जरायम की दुनिया में आ चुके लॉरेंस और उसके गैंगस्टर दोस्तों ने अपना-अपना वसूली गैंग बना लिया था। इनके जेल में बंद गुर्गे छोटी-मोटी वारदात करके जेल में आने वाले जरूरतमंद युवाओं को ब्रांडेड कपड़े और लग्जरी लाइफ स्टाइल का सपना दिखाकर गैंग में शामिल कर लेते थे। लॉरेंस खुद भी ब्रांडेड कपड़ों का शौकीन है। छात्र जीवन में साथ रहने के बाद गैंगस्टर बने सभी एक दूसरे की अलग-अलग राज्यों में मदद करते थे। कुछ वर्षों बाद हरियाणा में सक्रिय गोदारा गैंग, बॉक्सर गैंग, काला जठेड़ी, राजू बासौदी सहित अन्य गैंग और गुर्गों ने लॉरेंस गैंग में अपना विलय कर लिया। इसमें सभी गैंग चलाने वालों को लॉरेंस गैंग में अहम भूमिका भी मिली है। जैसे गोल्डी बराड़ हरियाणा, पंजाब और राजस्थान देखता है। अनमोल बिश्नोई के साथ मिलकर गोदारा और राजू बासौदी की जिम्मेदारी रंगदारी वसूलना है। संपत नेहरा कॉल कर रंगदारी मांगता है। इसी तरह टारगेट की रेकी करना, शूटर्स का इंतजाम करना, शूटर्स के के लिए गाड़ी और असलहा पहुंचाना, वारदात के बाद शूटर्स के भागने की व्यवस्था करना सहित अन्य काम भी बंटे हुए हैं।
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लॉरेंस का खाकी और हरियाणा कनेक्शन
मूलरूप से राजस्थान निवासी लॉरेंस के पिता हरियाणा आकर बस गए थे। वह हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल थे और पांच वर्ष के बाद पुलिस की नौकरी छोड़कर खेती-बाड़ी करने लगे थे। इसी तरह लॉरेंस का रिश्तेदार गैंगस्टर संपत नेहरा के पिता हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। संपत नेहरा राष्ट्रीय स्तर का एथलीट था। इसी तरह गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के पिता शमशेर सिंह पंजाब पुलिस में सहायक उप-निरीक्षक पद पर थे।
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हरियाणा के ये कुख्यात अपराधी लॉरेंस गैंग से जुड़े
एनआईए ने लॉरेंस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद चार्जशीट दाखिल की थी। सूत्रों के अनुसार एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में लॉरेंस से जुड़ने वाले हरियाणा-पंजाब में सक्रिय छोटे-मोटे गैंग भी गिनाए थे। इसमें हरियाणा में सक्रिय लॉरेंस से जुड़े गैंग और प्रमुख गैंगस्टर की संख्या बढ़ चुकी हैं। इनमें दीपक उर्फ टीनू भिवानी, रोहित निवासी गांव खोड़, जंदेहड़ी शाहाबाद कुरुक्षेत्र निवासी राजन, रोहतक निवासी मनोज मोरखेड़ी, सैमाण निवासी विकास उर्फ मटरी, सोनीपत का संदीप उर्फ काला जठेड़ी, वीरेंद्र उर्फ काला व भिवानी का मिंटू सोरड़ा जदीद सहित अन्य शामिल हैं
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