चंडीगढ़। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से लॉ करने वालों को अब वकालत करने के लिए बार काउंसिल को मोटी फीस नहीं चुकानी पड़ेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा ने पंजीकरण फीस 19200 से घटा कर 750 रुपये कर दी है।
बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा की पंजीकरण कमेटी के सदस्य विजेंद्र अहलावत ने बताया कि अभी तक हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ में वकालत के लिए लाइसेंस फीस के रूप में 19200 रुपये का भुगतान करना पड़ता था। अलग-अलग राज्यों में इसके लिए अलग-अलग राशि तय थी। इसके बाद एक मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था और सुप्रीम कोर्ट ने तय कर दिया था कि पंजीकरण के लिए 750 रुपये से अधिक राशि नहीं वसूली जा सकती।
ऐसे में अब बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा में नए पंजीकरण के लिए तय राशि 750 होगी। 600 रुपये बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के नाम ड्राफ्ट बनेगा और 150 रुपये बार काउंसिल ऑफ इंडिया के लिए। इसके अतिरिक्त अब और कोई भुगतान नहीं देना होगा।
तत्काल सेवा बंद
अहलावत ने बताया कि अभी तक जिन आवेदकों को तुरंत लाइसेंस चाहिए होते थे वे बार काउंसिल की तत्काल सेवा का उपयोग कर सकते थे। इस सेवा के लिए लाइसेंस फीस के अतिरिक्त 4 हजार रुपये का भुगतान करना होता था। अब बार काउंसिल ने इस सेवा को बंद कर दिया है। लाइसेंस वेरिफिकेशन के बाद 25 दिन में उपलब्ध हो जाएगा।