पंजाब में अपराधी बेखौफ हैं और लोग लाचार। आए दिन अपराधी खुलेआम आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस लकीर पीटने का काम कर रही है। कानून-व्यवस्था के सुधार को लेकर राज्य सरकार व पुलिस प्रशासन के बड़े-बड़े दावे फेल साबित हो रहे हैं।
वर्ष 2017 में लुधियाना में आरएसएस एवं भाजपा नेता रविंदर गोसाईं की मोटरसाइकिल सवार हत्यारों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वे लुधियाना के आरएसएस के क्षेत्रीय नेता थे। घटना की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने संभाली और इसमें शामिल आरोपियों को गिरफ्तार भी किया।
आतंकी घटनाओं में भी गैंगस्टरों की शमूलियत पाई गई। मई 2022 में मोहाली में इंटेलिजेंस मुख्यालय पर आरपीजी अटैक का मामला भी सामने आया। हमले में किसी तरह के जान-माल की क्षति तो नहीं हुई थी, लेकिन हेडक्वार्टर की तीसरी मंजिल पर स्थित कमरे में इमारत की खिड़कियां टूट गईं थीं। इसमें पुलिस ने मुख्य आरोपी के साथ ही यूपी के एक नाबालिग आरोपी को भी गिरफ्तार किया था। इसी तरह दिसंबर 2022 में तरनतारन के सरहाली पुलिस स्टेशन पर भी आरपीजी हमला हुआ था। अमृतसर-बठिंडा हाईवे पर पुलिस स्टेशन के नजदीक सांझ केंद्र हमले की चपेट में आ गया था। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था, लेकिन इमारत की खिड़की के शीशे और दीवार का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था।
इसी तरह दो साल पहले पंजाब के अमृतसर में हिंदू नेता सुधीर सूरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सूरी को अमृतसर में गोपाल मंदिर के बाहर 5 गोलियां मार दी गईं थीं। उनको अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया था। सूरी को पुलिस प्रोटेक्शन भी मिला हुआ था, इसके बावजूद उन पर हमला हुआ था। इस समय ये घटना हुई थी, उस समय वह मंदिर के बाहर मूर्तियों की बेअदबी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की 29 मई, 2022 को मानसा के गांव जवाहरके में अंधाधुंध गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग ने ली थी। पुलिस ने इसमें 30 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। घटना से प्रदेश के लोगों में काफी रोष था। साथ ही आप सरकार को भी इस मामले में काफी आलोचना का सामना करना पड़ा, क्योंकि घटना से एक दिन पहले ही मूसेवाला की सुरक्षा में कटौती की गई थी। घटना के 81 दिन बाद पुलिस ने चार्जशीट तैयार की थी, जिसमें 15 से ज्यादा आरोपियों में पांच बड़े गैंगस्टरों को शामिल किया गया था।
लुधियाना में शिवसेना पंजाब के नेता संदीप थापर गोरा पर भी दिनदहाड़े कातिलाना हमला हुआ था। सिविल अस्पताल के बाहर हुई इस वारदात में निहंग वेश में आए चार आरोपियों ने तेजधार हथियारों से गोरा पर कई वार किए थे। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। थापर का गनमैन भी उनके साथ था, लेकिन घटना के समय वह साइड में खड़ा रहा और आरोपियों को रोकने के लिए कुछ नहीं कर पाया था। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
पंजाबी अब अपने घर में ही सुरक्षित नहीं
पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिल्कुल बिगड़ चुकी है, जिससे काफी दुखी हूं। अमृतसर में सरेआम एनआरआई पर हमला हुआ। आप सरकार के राज में दिन प्रति दिन ये घटनाएं बढ़ रही हैं। इसे रोकने के लिए सरकार कोई प्रयास नहीं कर रही है। पंजाबी अब अपने घर में ही सुरक्षित नहीं हैं। - सुखबीर बादल, प्रधान, शिअद
राज्य को खतरे का घर बना दिया
एनआरआई कभी पंजाब को गर्व के साथ अपना घर कहते थे, लेकिन अब वह डर के साये में जी रहे हैं। अमृतसर में घर पर ही एनआरआई पर इस तरह की घटना राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ी करती है। सरकार की विफलता ने राज्य को खतरे का घर बना दिया है। -अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रधान, पंजाब कांग्रेस
तेजी से की जा रही है कार्रवाई भी
अमृतसर की घटना को जानबूझकर विपक्ष राज्य की कानून-व्यवस्था के साथ जोड़ रहा है। इस मामले में राजनीति करने के लिए विपक्ष को शर्म आनी चाहिए। पारिवारिक विवाद के चलते ही यह घटना हुई है और पुलिस की तरफ से मामले में तेजी से कार्रवाई भी की जा रही है। अकाली-भाजपा के समय राज्य में कानून-व्यवस्था की क्या स्थिति थी, इस बारे में लोग भलीभांति वाकिफ हैं। - नील गर्ग, वरिष्ठ प्रवक्ता, आम आदमी पार्टी पंजाब
स्पेशल ऑपरेशन चला रही पुलिस
राज्य में कानून-व्यवस्था मेंटेन रखने व अपराधियों को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस की तरफ से स्पेशल ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं, जिसमें पुलिस विभाग को काफी सफलता मिल रही है। विभाग काफी हद तक प्रदेश में क्राइम को कंट्रोल करने में सफल रहा है। इसके अलावा लोगों में सुरक्षा के लिए समय-समय पर अवेयरनेस ड्राइव भी चलाई जाती है। -अर्पित शुक्ला, स्पेशल डीजीपी, लॉ एंड ऑर्डर